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राजस्थान में पहली बार ‘रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस’ कल, 10 हजार से ज्यादा प्रतिभागी होंगे शामिल

राजस्थान में पहली बार ‘रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस’ कल, 10 हजार से ज्यादा प्रतिभागी होंगे शामिल
 
राजस्थान में पहली बार ‘रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस’ कल, 10 हजार से ज्यादा प्रतिभागी होंगे शामिल

राजस्थान तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने जा रहा है। राज्य में पहली बार ‘रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन कल यानी 6 जनवरी को किया जाएगा। इस मेगा कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य राजस्थान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम को मजबूत करना और इनोवेशन को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में देशभर से 10 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें नीति निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

यह कॉन्फ्रेंस देश में प्रस्तावित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ की तैयारी के तहत आयोजित की जा रही है। इसके जरिए राजस्थान को एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक प्रमुख हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

कॉन्फ्रेंस में कई अहम घोषणाएं की जाएंगी और राज्य सरकार तथा निजी क्षेत्र के बीच महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) भी साइन किए जाएंगे। इन समझौतों का फोकस एआई आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन, स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और सरकारी सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग पर रहेगा।

इस हाई-प्रोफाइल कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और राजस्थान सरकार में आईटी एवं संचार कैबिनेट विभाग के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ शामिल होंगे। इनके अलावा देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग जगत के दिग्गज भी अपने विचार साझा करेंगे।

राज्य सरकार के अनुसार, कॉन्फ्रेंस के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, प्रशासन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में एआई के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल सरकारी सेवाएं अधिक प्रभावी होंगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर भी पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा है कि राजस्थान तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह कॉन्फ्रेंस राज्य को डिजिटल इंडिया मिशन में अहम भूमिका निभाने में मदद करेगी। वहीं, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के संबोधन में देश में एआई नीति, डेटा सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दों पर फोकस रहने की संभावना है।