नई पीएम ऑफिस सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक, एक्सक्लूसिव फुटेज में जाने 12,236 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए ऑफिस सेवा तीर्थ में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कुल 12,236 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में तीन नए रेल प्रोजेक्ट समेत कुल आठ अहम फैसले लिए।
बैठक के दौरान पावर सेक्टर में सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले भी लिए गए। इसके अलावा, केरल सरकार द्वारा राज्य का नाम बदलकर केरलम करने का प्रस्ताव भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। यह बदलाव इस साल अप्रैल-मई में होने वाले संभावित विधानसभा चुनावों से पहले किया गया है।
रेल विभाग से जुड़े तीन प्रमुख प्रोजेक्ट में गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के डबलिंग, गम्हरिया-चांडिल और पुनारख किऊल के बीच तीसरी-चौथी रेल लाइन के निर्माण को हरी झंडी दी गई। इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में यातायात और माल ढुलाई की क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, श्रीनगर में एक नया एयरपोर्ट टर्मिनल बनाने का भी निर्णय लिया गया। इस प्रोजेक्ट से जम्मू-कश्मीर में हवाई सेवा का विस्तार होगा और यात्री सुविधाओं में सुधार होगा। अहमदाबाद मेट्रो के फेज 2B का एक्सटेंशन भी मंजूरी में शामिल है, जो शहर में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को और मजबूत करेगा।
बैठक में लिए गए फैसलों का उद्देश्य देश में बुनियादी ढांचे के विकास को तेज करना और राज्य एवं केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना बताया गया। मंत्रिमंडल ने इन परियोजनाओं के लिए वित्तीय मंजूरी प्रदान करते हुए उनके शीघ्र क्रियान्वयन पर जोर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेल, पावर और हवाई परिवहन से जुड़े ये प्रोजेक्ट्स न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगे, बल्कि रोजगार सृजन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार भी करेंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक का यह पहला सत्र नई पीएम ऑफिस में इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें सरकार की आगामी नीतियों और प्राथमिकताओं की झलक मिली।
मंत्रिमंडल ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार नहीं, बल्कि देश के नागरिकों के लिए सुविधाओं और जीवन स्तर में सुधार करना भी है। खासकर केरल के नाम परिवर्तन के फैसले को लेकर कहा गया कि यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा।
कुल मिलाकर, सेवा तीर्थ में हुई यह बैठक केंद्र सरकार की विकास प्राथमिकताओं और राज्यों के साथ सहयोग को दर्शाती है। भविष्य में इन प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन से देश की आर्थिक, सामाजिक और भौगोलिक कनेक्टिविटी में सुधार की उम्मीद है।
