दौसा में रोड जाम करने वालों पर 35 दिन बाद FIR, वीडियो में जाने गुर्जर समाज में आक्रोश; आंदोलन की चेतावनी
राजस्थान के दौसा में बिजली विभाग के ठेका कर्मचारी अवतार गुर्जर की मौत के मामले में लालसोट रोड जाम करने वालों के खिलाफ 35 दिन बाद FIR दर्ज होने से गुर्जर समाज में नाराजगी बढ़ गई है। FIR दर्ज होने के बाद समाज के लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। रविवार रात जिला मुख्यालय के पास रलावता गांव के चौराहे पर पांच गांवों के प्रमुख लोगों की बैठक हुई। इसमें पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा की गई और आगे आंदोलन करने की चेतावनी दी गई।
बैठक में समाज के लोगों ने कहा कि अवतार गुर्जर की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर सड़क जाम किया गया था। अब घटना के 35 दिन बाद रोड जाम करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। समाज के लोगों ने इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई और पुलिस से FIR वापस लेने की मांग करने की बात कही।
पांच गांवों के प्रमुख लोगों ने की बैठक
रलावता गांव के चौराहे पर हुई बैठक में आसपास के पांच गांवों के प्रमुख लोग शामिल हुए। बैठक में बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। लोगों ने कहा कि पुलिस को पहले ही रोड जाम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी थी। इतने दिनों बाद FIR दर्ज करने से समाज में असंतोष पैदा हुआ है।बैठक के दौरान पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी गई। समाज के लोगों ने कहा कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जा सकता है।
कलेक्टर-एसपी को दिया जाएगा ज्ञापन
बैठक में आगे की रणनीति भी तय की गई। समाज की ओर से 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित करने का फैसला लिया गया है। यह प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा।प्रतिनिधिमंडल के जरिए FIR दर्ज करने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई जाएगी और मामले में समाज का पक्ष प्रशासन के सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही रोड जाम करने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज मामले को लेकर भी कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग की जाएगी।
पुलिस बोली- नियमानुसार होती है कार्रवाई
मामले को लेकर दौसा एसपी पीयूष दीक्षित ने कहा कि सड़क जाम रने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि मामले का अनुसंधान अभी चल रहा है। पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने और सड़क जाम करने के मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाती है। वहीं, समाज के लोगों का कहना है कि अवतार गुर्जर की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन को लेकर इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है।
अवतार गुर्जर की मौत के बाद हुआ था प्रदर्शन
बिजली विभाग के ठेका कर्मचारी अवतार गुर्जर की मौत के बाद लालसोट रोड पर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान सड़क जाम होने से यातायात प्रभावित हुआ था। अब इसी मामले में पुलिस ने 35 दिन बाद रोड जाम करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की है।FIR के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। समाज के लोगों की बैठक और आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ समाज की नाराजगी को शांत करने की चुनौती है। अब 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की कलेक्टर और एसपी से मुलाकात के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
