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कोटपूतली-बहरोड़ में भ्रूण लिंग जांच का रैकेट पकड़ा गया, 6 आरोपित गिरफ्तार

कोटपूतली-बहरोड़ में भ्रूण लिंग जांच का रैकेट पकड़ा गया, 6 आरोपित गिरफ्तार
 
कोटपूतली-बहरोड़ में भ्रूण लिंग जांच का रैकेट पकड़ा गया, 6 आरोपित गिरफ्तार

राजस्थान में भ्रूण लिंग जांच और पीएनडीटी कानून के उल्लंघन का मामला फिर सामने आया है। हरियाणा से सटे राजस्थान की सीमा पर सक्रिय गिरोह को नोडल अधिकारी डॉ. विजय यादव के नेतृत्व में जिला प्रशासन की विशेष टीम ने दबिश देकर पकड़ लिया। इस कार्रवाई में 6 आरोपित रंगे हाथों गिरफ्तार हुए, जो गर्भवती महिलाओं को अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच के लिए राजस्थान ले जा रहे थे।

सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह 80 हजार रुपये में गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग बताने का सौदा करता था। आरोपितों के कब्जे से जांच में उपयोग होने वाले उपकरण और दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। यह गिरोह हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में सक्रिय बताया जा रहा है और महिलाओं को भ्रूण लिंग जानने के लिए लुभाकर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल करता था।

इससे पहले 8 जनवरी को उदयपुर में भी भ्रूण लिंग जांच के मामले में एक महिला डॉक्टर और दलाल को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद कोटपूतली-बहरोड़ में यह नया मामला सामने आया। नारनौल पीएनडीटी प्राधिकरण के अनुसार, यह गिरोह पिछले कई महीनों से सक्रिय था और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही थी।

विशेष जांच टीम ने बताया कि आरोपितों के पास से कानूनविहीन मेडिकल उपकरण और लेन-देन के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस गिरोह ने महिलाओं और उनके परिवारों को धोखे में रखकर अवैध जांच कराने के लिए प्रेरित किया। यह पीएनडीटी कानून का गंभीर उल्लंघन है, जो भारतीय कानून के तहत अपराध माना जाता है।

डॉ. विजय यादव ने बताया कि इस गिरफ्तारी से न केवल अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, बल्कि अन्य जिलों में भी भ्रूण लिंग जांच की रोकथाम और जागरूकता के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल न हों और किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

विशेषज्ञों का कहना है कि भ्रूण लिंग जांच और उसका व्यापार न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज में लैंगिक असंतुलन और महिलाओं के खिलाफ भेदभाव को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों से जागरूक किया जाए।

जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य भी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसे रैकेटों को रोकने के लिए अवैध जांच पर नजर रखने और अभियान तेज करने की योजना बनाई गई है।

कोटपूतली-बहरोड़ में गिरफ्तार आरोपितों की पहचान और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि राजस्थान में भ्रूण लिंग जांच और अवैध मेडिकल प्रैक्टिस के खिलाफ प्रशासन पूरी गंभीरता से कदम उठा रहा है।