जयपुर में ‘फेस्टिव एडिट 2026’ का आगाज, वीडियो में जाने एक छत के नीचे दिखे भारतीय हस्तशिल्प और हैंडलूम के अनूठे रंग
जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम स्थित म्यूजियम हॉल में भारतीय हस्तशिल्प, हैंडलूम और पारंपरिक कला का खूबसूरत संगम देखने को मिल रहा है। यहां मंगलवार को शिल्पकारी के तीन दिवसीय ‘फेस्टिव एडिट 2026’ का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में देश के अलग-अलग हिस्सों की कला और शिल्प परंपराओं को एक ही छत के नीचे स्तुत किया गया है। रंग-बिरंगे परिधानों पर पारंपरिक कढ़ाई, हाथों से बुने टेक्सटाइल्स, आकर्षक आभूषण और घर की सजावट के लिए हस्तनिर्मित उत्पाद लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।त्योहारी सीजन को ध्यान में रखकर आयोजित इस प्रदर्शनी में खरीदारी के साथ संगीत, खान-पान और डांडिया जैसे कार्यक्रमों का भी इंतजाम किया गया है। इससे यहां आने वाले लोगों को पारंपरिक उत्पादों की खरीदारी के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लेने का अवसर मिल रहा है।
शुचि त्यागी ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन
‘फेस्टिव एडिट 2026’ का उद्घाटन पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग की सचिव शुचि त्यागी ने किया। इस अवसर पर इटरनल अस्पताल की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मंजू शर्मा और डिजाइनर एवं उद्यमी स्वाति उबरोई विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।कार्यक्रम की शुरुआत मेडिटेशन एक्सपर्ट और यज्ञाचार्या निर्मला सेवानी ने मंत्रोच्चारण के साथ की। आयोजन में भारतीय पारंपरिक कला, हस्तनिर्मित उत्पादों और शिल्पकारों की रचनात्मकता को प्रमुखता दी गई है।
पारंपरिक कढ़ाई से लेकर हैंडमेड होम डेकोर तक
प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक कलाओं और शिल्प उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। यहां रंग-बिरंगे कपड़ों पर की गई बारीक कढ़ाई, हाथों से तैयार टेक्सटाइल्स और आकर्षक डिजाइन वाले आभूषणों की विविधता देखने को मिल रही है। इसके साथ ही घर को नया और खास लुक देने वाले हस्तनिर्मित सजावटी उत्पाद भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।त्योहारी खरीदारी के लिए यह प्रदर्शनी खास मानी जा रही है। पारंपरिक परिधान, डिजाइनर टेक्सटाइल्स, आभूषण और होम डेकोर उत्पादों की विविधता के कारण यहां आने वाले लोगों को अलग-अलग विकल्प एक ही जगह पर मिल रहे हैं।
खरीदारी के साथ संगीत और डांडिया का भी आनंद
आयोजकों ने प्रदर्शनी को केवल खरीदारी तक सीमित नहीं रखा है। यहां संगीत, खान-पान और डांडिया की व्यवस्था भी की गई है। इससे लोगों को खरीदारी के साथ उत्सवी माहौल का आनंद लेने का मौका मिलेगा। त्योहारी सीजन में पारंपरिक कला और आधुनिक जरूरतों को जोड़ने की यह पहल हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।हस्तनिर्मित उत्पादों की खासियत उनकी बारीकी, पारंपरिक तकनीक और कारीगरों की मेहनत में छिपी होती है। ऐसी प्रदर्शनियों के जरिए लोगों को देश की विविध शिल्प परंपराओं से रूबरू होने और स्थानीय कारीगरी को समझने का अवसर मिलता है।
15 अक्टूबर तक चलेगी प्रदर्शनी
‘फेस्टिव एडिट 2026’ आम लोगों के लिए 15 अक्टूबर तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी का समय सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित किया गया है। जयपुर में त्योहारी खरीदारी के साथ भारतीय कला, हैंडलूम और हस्तशिल्प को करीब से देखने के इच्छुक लोग इस दौरान बिड़ला ऑडिटोरियम के म्यूजियम हॉल पहुंच सकते हैं।
