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25 साल से भुगत रहे किसान लापरवाही का खामियाजा, 30 गांवों में सेटलमेंट की गड़बड़ी से बढ़ी परेशानी

25 साल से भुगत रहे किसान लापरवाही का खामियाजा, 30 गांवों में सेटलमेंट की गड़बड़ी से बढ़ी परेशानी
 
25 साल से भुगत रहे किसान लापरवाही का खामियाजा, 30 गांवों में सेटलमेंट की गड़बड़ी से बढ़ी परेशानी

तहसील क्षेत्र के करीब 30 गांवों के किसान पिछले 25 वर्षों से प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। सेटलमेंट और कैचमेंट निर्धारण के दौरान हुई गलतियों के कारण आज भी किसानों को अपनी जमीन और सिंचाई से जुड़े मामलों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

🌾 सेटलमेंट में गड़बड़ी बनी बड़ी समस्या

किसानों का आरोप है कि वर्षों पहले किए गए सेटलमेंट और कैचमेंट निर्धारण में गंभीर त्रुटियां बरती गई थीं। उस समय की गई लापरवाही का असर आज भी जारी है, जिससे भूमि सीमांकन और जल प्रवाह से जुड़े विवाद लगातार बने हुए हैं।

⚠️ सिंचाई और जमीन विवाद गहराए

गलत कैचमेंट तय होने के कारण कई खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा, जबकि कुछ जगहों पर जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। इससे फसलों को नुकसान हो रहा है और किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

🗣️ किसानों में बढ़ता आक्रोश

किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को शिकायतें दीं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। लंबे समय से समस्या का समाधान न होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

📂 प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों ने इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज किया, जिसके कारण समस्या और जटिल होती गई। अब किसान पुराने रिकॉर्ड की पुनः जांच और सुधार की मांग कर रहे हैं।

📌 समाधान की मांग तेज

किसानों ने मांग की है कि सेटलमेंट रिकॉर्ड की पुनः समीक्षा कर गलतियों को सुधारा जाए और सिंचाई व्यवस्था को सही किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।