जयपुर में नकली किन्नर गिरोह का पर्दाफाश, यू-ट्यूब से सीखा था पूरा ‘नाटक’
जयपुर पुलिस के हत्थे चढ़े नकली किन्नर गिरोह से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने असली किन्नरों की तरह व्यवहार करने के लिए यूट्यूब वीडियो का सहारा लिया और वहीं से आशीर्वाद देने से लेकर बद्दुआ तक का पूरा तरीका सीखा।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोगों को झांसा देकर पैसे वसूलने के लिए पूरी तरह से पेशेवर तरीके से काम करता था। आरोपी साड़ी-ब्लाउज पहनकर, भारी मेकअप कर और नकली बाल लगाकर खुद को किन्नर के रूप में पेश करते थे। इतना ही नहीं, वे तैयार होते समय शरीर की बनावट और हाव-भाव तक पर खास ध्यान देते थे, ताकि कोई उन पर शक न कर सके।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले यूट्यूब पर असली किन्नरों के वीडियो देखते थे और फिर उनकी आवाज, बोलचाल और व्यवहार की नकल करते थे। इसके बाद वे बाजारों, ट्रैफिक सिग्नल और कॉलोनियों में जाकर लोगों से जबरन पैसे मांगते थे। कई बार वे लोगों को बद्दुआ देने की धमकी देकर भी पैसे ऐंठते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह की गतिविधियों की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। आम लोगों को परेशान करने और धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है।
इस घटना के बाद आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत सूचना दें, ताकि इस तरह के फर्जी गिरोहों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर इस तरह की आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना एक नई चुनौती बनता जा रहा है, जिस पर सख्ती से नजर रखने की जरूरत है।
