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जयपुर में हॉस्पिटल ऑडिट के नाम पर 40 हजार की रिश्वत लेते फर्जी RGHS अधिकारी गिरफ्तार, 45 हजार की थी मांग

 
जयपुर में हॉस्पिटल ऑडिट के नाम पर 40 हजार की रिश्वत लेते फर्जी RGHS अधिकारी गिरफ्तार, 45 हजार की थी मांग

जयपुर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। आरोपी की पहचान मनीष कुमार शर्मा के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने खुद को RGHS का अधिकारी बताकर एक हॉस्पिटल के ऑडिट से जुड़े काम को लेकर 45 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया।

जानकारी के अनुसार, आरोपी मनीष कुमार शर्मा ने कथित तौर पर खुद को राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) का अधिकारी बताया। उसने हॉस्पिटल के ऑडिट के नाम पर संबंधित व्यक्ति से रिश्वत की मांग की। शुरुआत में आरोपी ने 45 हजार रुपए देने के लिए कहा था। रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी एसीबी को दी।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता आरोपी के पास रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपए की रिश्वत स्वीकार कर ली। इसी दौरान पहले से तैयार एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए मनीष कुमार शर्मा को पकड़ लिया। उसके कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने खुद को RGHS अधिकारी बताकर हॉस्पिटल के ऑडिट के नाम पर रकम मांगी थी। अब एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने इससे पहले भी किसी हॉस्पिटल या अन्य व्यक्ति से इसी तरह पैसे मांगे थे या नहीं।

एसीबी आरोपी के दस्तावेजों और पहचान से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी वास्तव में किसी सरकारी विभाग या RGHS से जुड़ा हुआ था या उसने केवल अधिकारी होने का झांसा देकर रिश्वत की मांग की।

एसीबी की कार्रवाई के बाद हॉस्पिटल संचालकों और संबंधित लोगों में भी चर्चा है। जांच एजेंसी अब पूरे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि आरोपी ने फर्जी अधिकारी बनकर कितने लोगों को अपना निशाना बनाया और इस पूरे मामले में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।