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33 साल पहले मर चुके व्यक्ति के नाम से खड़ा किया फर्जी मालिक: 50 बीघा जमीन हड़पने की साजिश का खुलासा, फर्जी दस्तावेजों से कराना चाहते थे रजिस्ट्री

33 साल पहले मर चुके व्यक्ति के नाम से खड़ा किया फर्जी मालिक: 50 बीघा जमीन हड़पने की साजिश का खुलासा, फर्जी दस्तावेजों से कराना चाहते थे रजिस्ट्री
 
33 साल पहले मर चुके व्यक्ति के नाम से खड़ा किया फर्जी मालिक: 50 बीघा जमीन हड़पने की साजिश का खुलासा, फर्जी दस्तावेजों से कराना चाहते थे रजिस्ट्री

जमीन हड़पने के लिए फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस व्यक्ति के नाम पर करीब 50 बीघा जमीन दर्ज थी, उसकी मौत को 33 साल बीत चुके थे, लेकिन आरोपियों ने जमीन कब्जाने के लिए उसी के नाम से एक फर्जी मालिक खड़ा कर दिया। आरोप है कि असली वारिसों ने जमीन बेचने से इनकार किया तो आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और नकली गवाह तैयार कर जमीन की रजिस्ट्री कराने की साजिश रची।

मृत व्यक्ति के नाम से तैयार किया फर्जी पहचान पत्र

मामले के अनुसार, जमीन के असली मालिक की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद उनके वारिस जमीन के अधिकार को संभाल रहे थे। आरोपियों की नजर इस कीमती जमीन पर थी और उन्होंने इसे हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया।उन्होंने मृत व्यक्ति के नाम से एक नकली व्यक्ति तैयार किया, जो खुद को जमीन का मालिक बताकर रजिस्ट्री कराने की कोशिश कर रहा था।

वारिसों ने जमीन बेचने से किया इनकार

जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने जमीन खरीदने के लिए असली वारिसों से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने जमीन बेचने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी का रास्ता अपनाया।फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और गवाहों की मदद से जमीन की बिक्री की प्रक्रिया पूरी करने की योजना बनाई गई।

जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा

मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति के नाम से जमीन की बिक्री की तैयारी की जा रही थी, उसकी मृत्यु कई दशक पहले हो चुकी है।इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन हड़पने की साजिश का खुलासा हुआ।

आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

पीड़ित पक्ष ने मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर संपत्ति हड़पने की कोशिश की गई है।पुलिस और प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जमीन विवादों में इस तरह के फर्जीवाड़े लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में दस्तावेजों की गहन जांच और रिकॉर्ड सत्यापन बेहद जरूरी माना जा रहा है।