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SOG की फर्जी FIR बनाकर एक करोड़ की वसूली का खुलासा, फुटेज में जानें मास्टरमाइंड रितेश ने एडिट कर बनवाई थी फेक FIR

SOG की फर्जी FIR बनाकर एक करोड़ की वसूली का खुलासा, फुटेज में जानें मास्टरमाइंड रितेश ने एडिट कर बनवाई थी फेक FIR
 
SOG की फर्जी FIR बनाकर एक करोड़ की वसूली का खुलासा, फुटेज में जानें मास्टरमाइंड रितेश ने एडिट कर बनवाई थी फेक FIR

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की फर्जी एफआईआर बनाकर एक करोड़ रुपये की अवैध वसूली करने के सनसनीखेज मामले में महेश नगर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस मामले के मास्टरमाइंड आरपीएस (राजस्थान पुलिस सेवा) अधिकारी रितेश पटेल के मददगार साथी इरफान खान को गिरफ्तार किया है। साथ ही रिमांड अवधि पूरी होने के बाद रितेश पटेल और इरफान खान को शनिवार को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला SOG की फर्जी एफआईआर के जरिए लोगों को डराने और उनसे मोटी रकम वसूलने से जुड़ा हुआ है। इस अवैध वसूली की साजिश का मुख्य सूत्रधार आरपीएस अधिकारी रितेश पटेल है, जो फिलहाल पुलिस रिमांड पर चल रहा है। पूछताछ के दौरान रितेश पटेल ने खुलासा किया कि फर्जी एफआईआर तैयार करने में उसे उसके करीबी साथी इरफान खान की पूरी मदद मिली थी।

इस खुलासे के बाद महेश नगर थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने शनिवार सुबह अजमेर जिले के ब्यावर में दबिश देकर इरफान खान को गिरफ्तार किया। आरोपी इरफान खान ब्यावर का रहने वाला है और उसकी वहां कोहनूर प्रिंटिंग के नाम से दुकान है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इसी दुकान पर फर्जी एफआईआर के दस्तावेज तैयार किए गए थे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इरफान खान ने अपनी दुकान पर कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से SOG की असली एफआईआर की भाषा, शब्दावली और फॉर्मेट से मिलती-जुलती फर्जी एफआईआर तैयार की थी। शब्दों की मैचिंग और लेआउट को इस तरह से डिजाइन किया गया था कि देखने में यह पूरी तरह असली लगे। इसी फर्जी दस्तावेज के जरिए पीड़ित को डराकर एक करोड़ रुपये की वसूली की गई।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी इरफान खान के कब्जे से एक कंप्यूटर सिस्टम और प्रिंटर जब्त किया है, जिनका इस्तेमाल फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किया गया था। इन उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह की और कितनी फर्जी एफआईआर तैयार की गई हैं।

पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि इसमें एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की संलिप्तता सामने आई है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इस तरह की फर्जी एफआईआर का इस्तेमाल पहले भी किया गया था।

फिलहाल रितेश पटेल और इरफान खान दोनों चार दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ कर पूरे नेटवर्क, लेन-देन और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में जल्द ही और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।