भारतीय सेना की साउदर्न कमांड ने पोखरण में “अग्नि वर्षा” अभ्यास का सफल आयोजन
भारतीय सेना की साउदर्न कमांड ने मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में बड़े पैमाने पर अग्नि वर्षा नामक सैन्य अभ्यास का आयोजन किया। इस अभ्यास के दौरान भारतीय सेना ने रेगिस्तानी क्षेत्र में अपनी तैयारियों, आधुनिक तकनीक और संयुक्त युद्ध क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
अभ्यास में विभिन्न ब्रिगेड और रेजिमेंटों की तैनाती देखी गई, जिसमें आर्टिलरी, टैंक, इन्फैंट्री और उच्च तकनीकी हथियार शामिल थे। सेना ने युद्ध के वास्तविक परिदृश्य की तरह माहौल बनाकर दुश्मन की गतिविधियों का सामना करने और रणनीतिक हमले करने की क्षमता का परीक्षण किया।
साउदर्न कमांड के अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास न केवल सैनिकों की युद्धकुशलता बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया, बल्कि रेगिस्तानी परिस्थितियों में सैन्य संचालन की दक्षता और नए हथियार प्रणालियों के संचालन को भी परखा गया। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के अभ्यास से सेना की सजगता, तैयारी और संयोजित युद्ध क्षमता लगातार मजबूत होती रहती है।
अभ्यास के दौरान आधुनिक ड्रोन तकनीक, मिसाइल सिस्टम और कमांड कंट्रोल नेटवर्क का उपयोग किया गया। इससे सेना ने न केवल लक्ष्य को समय पर भेदने की क्षमता दिखाई, बल्कि सीमाओं पर तैनात सैनिकों की सहयोगात्मक क्षमता और रणनीतिक योजना की दक्षता भी प्रदर्शित की।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने अभ्यास के दौरान क्षेत्र की सुरक्षा और नागरिक जीवन की सहजता सुनिश्चित की। इस दौरान क्षेत्र को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया गया ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या बाहरी हस्तक्षेप से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि पोखरण जैसी रेगिस्तानी फायरिंग रेंज पर आयोजित इस प्रकार के अभ्यास से सेना को वास्तविक युद्ध परिदृश्यों का अनुभव मिलता है। साथ ही, यह अभ्यास नए हथियारों और तकनीकी प्रणालियों की कार्यक्षमता का भी परीक्षण करने का अवसर प्रदान करता है।
साउदर्न कमांड ने बताया कि भविष्य में ऐसे अभ्यासों की संख्या और पैमाना बढ़ाने का लक्ष्य है, ताकि सीमा सुरक्षा और रक्षा तंत्र को सशक्त और आधुनिक बनाए रखा जा सके।
अभ्यास “अग्नि वर्षा” ने यह भी साबित किया कि भारतीय सेना न केवल परंपरागत युद्धकुशलता में अग्रणी है, बल्कि तकनीकी और रणनीतिक दृष्टि से भी अत्याधुनिक तैयारी रखती है। इससे न केवल सैनिकों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि आम जनता और सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है।
पोखरण में आयोजित यह अभ्यास भारतीय सेना की संकल्प शक्ति, आधुनिक तकनीक और रणनीतिक श्रेष्ठता का एक शानदार उदाहरण साबित हुआ।
