रणथम्भौर में रोमांचक पल, वीडियो में देखें जिप्सी के पास ही भिडे दो टाइगर, दहाड़ सुन कांप उठे पर्यटक
राजस्थान के सवाईमाधोपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध रणथम्भौर नेशनल पार्क में सोमवार शाम उस वक्त रोमांच और दहशत का अनोखा नजारा देखने को मिला, जब सफारी पर निकले पर्यटकों की जिप्सियों के बिल्कुल पास दो टाइगर आकर खड़े हो गए। यह घटना रणथम्भौर के जोन नंबर-2 में शाम की पारी के दौरान हुई, जिसने वहां मौजूद सैलानियों की सांसें थाम दीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंगल सफारी के दौरान अचानक टाइगर टी-101 और टाइग्रेस टी-105 सफारी ट्रैक पर आ गए। दोनों का मूड आक्रामक था और वे गुर्राते हुए सीधे पर्यटकों की जिप्सियों के नजदीक पहुंच गए। जैसे ही टाइगर और टाइग्रेस की जोरदार दहाड़ गूंजी, जिप्सी में बैठे सैलानी सहम गए और कुछ पल के लिए पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया।
बताया जा रहा है कि टाइगर और टाइग्रेस जिप्सियों के बीच से गुजरने लगे, जिससे वहां मौजूद पर्यटकों की घबराहट और बढ़ गई। कई जिप्सियों के बीच से गुजरते हुए टाइगर टी-101 अचानक दहाड़ता हुआ दूसरी तरफ निकल गया। इसके तुरंत बाद टाइग्रेस टी-105 भी तेजी से उसके पीछे दौड़ी। कुछ सेकेंड के लिए दोनों आमने-सामने आ गए, जिससे सफारी पर मौजूद लोगों का रोमांच चरम पर पहुंच गया।
हालांकि यह पूरा घटनाक्रम करीब 3 मिनट तक ही चला, लेकिन इस दौरान पर्यटकों को जिंदगी का सबसे रोमांचक और डरावना अनुभव मिला। कुछ देर बाद दोनों टाइगर जंगल की गहराइयों में ओझल हो गए और सफारी ट्रैक फिर से सामान्य हो सका। टाइगर के जंगल में गायब होते ही पर्यटकों ने राहत की सांस ली।
घटना के बाद पर्यटकों ने बताया कि शुरुआत में डर के कारण कोई भी हिलने-डुलने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। लेकिन जब स्थिति थोड़ी सामान्य हुई तो कई सैलानियों ने इस दुर्लभ और रोमांचक पल को अपने मोबाइल फोन और कैमरों में कैद कर लिया। देखते ही देखते यह वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं।
रणथम्भौर नेशनल पार्क के अधिकारियों का कहना है कि टाइगर का सफारी ट्रैक पर आना कोई असामान्य बात नहीं है, क्योंकि यह उनका प्राकृतिक इलाका है। हालांकि पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाइड और ड्राइवरों को हमेशा सतर्क रहने के निर्देश दिए जाते हैं। इस मामले में भी जिप्सी चालकों और गाइडों ने नियमों का पालन किया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, टी-101 और टी-105 दोनों ही स्वस्थ और सक्रिय टाइगर हैं, जो अक्सर जोन नंबर-2 में देखे जाते हैं। उनका यह व्यवहार क्षेत्रीय संघर्ष या आपसी मूवमेंट से जुड़ा हो सकता है। अधिकारियों ने कहा कि पर्यटकों को ऐसे समय में शांत रहना चाहिए और गाइड के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
इस घटना ने एक बार फिर रणथम्भौर की रोमांचक वाइल्ड लाइफ और जंगल के असली रोम का अहसास कराया है। पर्यटकों के लिए यह अनुभव डर और रोमांच का अनोखा मिश्रण रहा, जिसे वे शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।
