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आमेर विधानसभा में बदले चुनावी समीकरण, तीन वार्डों में भाजपा-कांग्रेस की सीधी टक्कर

आमेर विधानसभा में बदले चुनावी समीकरण, तीन वार्डों में भाजपा-कांग्रेस की सीधी टक्कर
 
आमेर विधानसभा में बदले चुनावी समीकरण, तीन वार्डों में भाजपा-कांग्रेस की सीधी टक्कर

आमेर विधानसभा क्षेत्र के निगम इलाके में इस बार चुनावी तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है। परिसीमन के बाद यहां वार्डों की संख्या कम हो गई है। पहले जहां चार वार्ड थे, वहीं अब घटकर तीन वार्ड रह गए हैं। नए परिसीमन के बाद वार्ड 148, 149 और 150 में चुनावी मुकाबला होगा। इन तीनों वार्डों को अलग-अलग श्रेणियों में आरक्षित किया गया है। इनमें वार्ड 148 सामान्य, वार्ड 149 ओबीसी और वार्ड 150 एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है।

परिसीमन के बाद बदला राजनीतिक समीकरण

वार्डों की संख्या घटने और आरक्षण व्यवस्था बदलने के कारण आमेर क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण भी बदल गए हैं। पुराने वार्डों के कई हिस्सों के नए क्षेत्रों में शामिल होने से प्रत्याशियों को नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की चुनौती होगी।राजनीतिक दल भी नए समीकरणों के हिसाब से रणनीति तैयार कर रहे हैं।

वार्ड 149 और 150 में सीधा मुकाबला

आमेर निगम क्षेत्र के वार्ड 149 और 150 में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। दोनों प्रमुख दल इन वार्डों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं

भाजपा जहां अपने संगठन और स्थानीय मुद्दों के सहारे चुनाव मैदान में है, वहीं कांग्रेस भी मतदाताओं के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है।

प्रत्याशियों के सामने बड़ी चुनौती

परिसीमन के बाद बदले क्षेत्रफल और नए मतदाताओं को साधना प्रत्याशियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। उम्मीदवारों को पुराने समर्थकों के साथ नए मतदाताओं तक पहुंच बनानी होगी।स्थानीय मुद्दों जैसे सड़क, पानी, सफाई, विकास कार्य और मूलभूत सुविधाएं चुनाव में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

वार्ड 148 पर भी नजर

सामान्य श्रेणी में आने वाले वार्ड 148 में भी मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है। यहां प्रत्याशी अपनी व्यक्तिगत छवि और स्थानीय संपर्क के आधार पर मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रहे हैं।आमेर विधानसभा के निगम क्षेत्र में इस बार चुनाव परिसीमन, आरक्षण और बदले राजनीतिक समीकरणों के कारण काफी अहम माना जा रहा है।