राजस्थान के 305 निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव आज से, वीडियो में जानें 10:30 बजे से शुरू होंगे नामांकन
राजस्थान के 305 शहरी निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया आज से शुरू हो जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने सुबह 7 बजे निकाय प्रमुखों के चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रदेश के नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं में मेयर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
अधिसूचना के अनुसार जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगरपालिका को छोड़कर बाकी 305 निकायों में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे। नामांकन की प्रक्रिया आज सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी और अगले दिन यानी कल दोपहर 3 बजे तक चलेगी। इस दौरान संबंधित निकायों में अध्यक्ष पद के लिए दावेदार अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम में नामांकन से लेकर मतदान तक की पूरी प्रक्रिया की तारीखें तय कर दी हैं। नामांकन दाखिल होने के बाद 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इस दौरान निर्वाचन अधिकारी उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच करेंगे और नियमों के अनुसार उनकी वैधता तय की जाएगी।
इसके बाद उम्मीदवारों के पास नाम वापस लेने का मौका रहेगा। 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
अध्यक्ष पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कराया जाएगा। संबंधित निकायों के निर्वाचित पार्षद अध्यक्ष, सभापति और मेयर के चुनाव में मतदान करेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के बाद प्रदेश के कुल सात नगर निगमों में मेयर पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके अलावा 47 नगर परिषदों में सभापति और 251 नगरपालिकाओं में नगरपालिका अध्यक्ष के पदों के लिए भी चुनाव कराया जाएगा।
इन चुनावों को हाल ही में हुए शहरी निकाय चुनाव के बाद अगला महत्वपूर्ण राजनीतिक चरण माना जा रहा है। पार्षदों के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने निकायों में अध्यक्ष पद हासिल करने के लिए रणनीति बनाने में जुटेंगे। खास तौर पर उन निकायों में मुकाबला दिलचस्प रहने की संभावना है, जहां किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है।
ऐसे निकायों में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। अध्यक्ष पद के चुनाव में एक-एक पार्षद का समर्थन बोर्ड गठन के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। ऐसे में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच जोड़तोड़ और समर्थन जुटाने की कवायद भी तेज होने की संभावना है।
अब 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच, 18 सितंबर को नाम वापसी और 21 सितंबर को मतदान के बाद प्रदेश के शहरी निकायों को उनके नए मेयर, सभापति और अध्यक्ष मिलेंगे। फिलहाल आज से शुरू हो रही नामांकन प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों और दावेदारों की नजर रहेगी।
