अजमेर रेलवे हॉस्पिटल में छत से प्लास्टर गिरने से बुजुर्ग घायल, परिजन के हंगामे का सामने आया वीडियो
अजमेर रेलवे हॉस्पिटल में इलाज के लिए आए एक बुजुर्ग व्यक्ति बेसुध हो गए जब हॉस्पिटल की छत से प्लास्टर गिर गया। हादसे के बाद उन्हें तुरंत डॉक्टरों को दिखाया गया और वार्ड में भर्ती कराया गया। फिलहाल, बुजुर्ग की हालत स्थिर बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग हॉस्पिटल में सामान्य इलाज के लिए आए थे। इसी दौरान छत से गिरा प्लास्टर उनके ऊपर पड़ा, जिससे वह बेहोश हो गए। अस्पताल स्टाफ ने तुरंत उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और स्थिति गंभीर न होने के कारण वार्ड में भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि चोटें सतही हैं और फिलहाल उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
इस घटना के बाद परिजन काफी परेशान हैं। उन्होंने रेलवे प्रशासन से इस मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा को लेकर laxity दिखाई दे रही है और इस तरह की घटनाओं से गंभीर हादसा भी हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में रखरखाव और सुरक्षा मानकों का पालन बहुत जरूरी है। छत या अन्य ढांचागत हिस्सों की खराबी से मरीजों और कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। ऐसे मामलों में प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह समय पर निरीक्षण और मरम्मत कराए।
रेलवे प्रशासन ने फिलहाल इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हॉस्पिटल के अधिकारियों ने बताया कि छत की मरम्मत और रखरखाव पर ध्यान दिया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो। उन्होंने परिजनों से आश्वासन दिया है कि घटना की गहन जांच की जाएगी और यदि किसी की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिजन ने कहा कि वह चाहते हैं कि अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा के लिए नियमित निरीक्षण और रखरखाव हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन समय पर कार्रवाई नहीं करता है तो वे उच्च अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाएंगे।
इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा और रखरखाव के महत्व को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर संरचना और रखरखाव की नियमित जांच न होने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
अजमेर रेलवे हॉस्पिटल में हुए इस हादसे ने स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के पहलुओं पर सवाल उठाए हैं। रेलवे प्रशासन की कार्रवाई और जांच के परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस स्तर की लापरवाही हुई और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
