द्रव्यवती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की कवायद तेज, अधिकारियों ने किया निरीक्षण
Jaipur में स्थित द्रव्यवती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद नगरीय विकास एवं आवासन विभाग ने इस दिशा में सक्रियता तेज कर दी है।
शुक्रवार को विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नदी का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नदी के विभिन्न हिस्सों में जाकर मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और प्रदूषण के स्रोतों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई स्थानों पर अनुपचारित सीवरेज और कचरे के कारण नदी की स्वच्छता पर असर पड़ रहा है। इस पर गंभीर चिंता जताते हुए संबंधित विभागों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने कहा कि द्रव्यवती नदी को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस कार्ययोजना के तहत काम किया जा रहा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही नदी के किनारों पर अतिक्रमण और अवैध निस्तारण पर भी सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान यह भी तय किया गया कि नदी में गिरने वाले सीवरेज को रोकने और ट्रीटमेंट सिस्टम को मजबूत करने के लिए तकनीकी सुधार किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध योजना बनाकर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि Jaipur की द्रव्यवती नदी को एक स्वच्छ और पुनर्जीवित नदी के रूप में विकसित किया जाए, जिससे न केवल पर्यावरण सुधार हो बल्कि शहर की सुंदरता और जीवन गुणवत्ता में भी सुधार आए।
प्रशासनिक स्तर पर इस परियोजना की नियमित निगरानी करने की बात कही गई है, ताकि तय समयसीमा में कार्य पूरा हो सके और नदी को प्रदूषण से मुक्त किया जा सके।
