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सरकारी स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन पर शिक्षा मंत्री दिलावर की सफाई, वीडियो में बोले- कोई रोक नहीं

सरकारी स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन पर शिक्षा मंत्री दिलावर की सफाई, वीडियो में बोले- कोई रोक नहीं
 
सरकारी स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन पर शिक्षा मंत्री दिलावर की सफाई, वीडियो में बोले- कोई रोक नहीं

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया के प्रवेश पर कथित रोक को लेकर विवाद के बीच शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में मीडिया के प्रवेश पर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई गई है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आदेश को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा और उनकी निजता बनाए रखना है।मदन दिलावर ने कहा कि सरकारी स्कूलों में मीडिया कर्मियों को आने से रोका नहीं गया है। हालांकि, नाबालिग विद्यार्थियों की फोटो, वीडियो या बाइट लेने से पहले उनके अभिभावकों की अनुमति लेना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहचान और निजता से जुड़े नियमों का पालन किया जाना चाहिए।

शिक्षा मंत्री के मुताबिक, यदि किसी बच्चे के अभिभावक मौके पर मौजूद नहीं हैं तो स्कूल के शिक्षक से अनुमति ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि स्कूल में शिक्षक बच्चों के अभिभावक की भूमिका में होते हैं। ऐसे में मीडिया को बच्चों से बातचीत या उनका फोटो-वीडियो लेने से पहले संबंधित शिक्षक से अनुमति लेनी होगी।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

मीडिया एंट्री को लेकर उठे विवाद के बीच CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को सबसे पहले राजस्थान के सभी जर्जर स्कूलों को ठीक करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार को लगता है कि स्कूलों की स्थिति दिखाने से कोई समस्या है तो उनके खिलाफ एडवांस में FIR दर्ज करवा दे।वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने सरकार से कथित आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की। गहलोत ने कहा कि सरकार को पारदर्शिता से भागने के बजाय स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आने देनी चाहिए।

बच्चों की निजता को लेकर सरकार का जोर

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य मीडिया की स्वतंत्रता पर रोक लगाना नहीं, बल्कि नाबालिग बच्चों की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के फोटो, वीडियो और बयान का इस्तेमाल करते समय उनकी पहचान और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा जरूरी है।मामले को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर शिक्षा मंत्री मीडिया पर किसी तरह की पाबंदी से इनकार कर रहे हैं, वहीं विपक्ष और अन्य संगठनों की ओर से इसे पारदर्शिता से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं।

अब विवाद इस बात पर केंद्रित है कि सरकारी स्कूलों में मीडिया की रिपोर्टिंग के दौरान बच्चों की निजता की सुरक्षा और पत्रकारों की स्वतंत्र रिपोर्टिंग के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों की व्याख्या और उनके पालन को लेकर आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।