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भ्रष्टाचार और अश्लीलता पर अब सख्त होगा शिक्षा विभाग, फुटेज में जानें अब दोषियों के घर के बाहर चस्पा होगी जांच रिपोर्ट

भ्रष्टाचार और अश्लीलता पर अब सख्त होगा शिक्षा विभाग, फुटेज में जानें अब दोषियों के घर के बाहर चस्पा होगी जांच रिपोर्ट
 
भ्रष्टाचार और अश्लीलता पर अब सख्त होगा शिक्षा विभाग, फुटेज में जानें अब दोषियों के घर के बाहर चस्पा होगी जांच रिपोर्ट

राजस्थान में शिक्षा विभाग ने भ्रष्टाचार और अश्लीलता के मामलों में कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया है। अब ऐसे शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी जो इस तरह की हरकतों में लिप्त पाए जाएंगे, न केवल विभागीय कार्रवाई का सामना करेंगे बल्कि उनकी करतूतों की जानकारी सार्वजनिक भी की जाएगी। इसके लिए विभाग दोषियों की जांच रिपोर्ट उनके घर के बाहर चस्पा करने की व्यवस्था करेगा। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मंगलवार को इस फैसले पर मुहर लगाते हुए साफ संकेत दिए कि अब इस तरह के मामलों में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षा विभाग समाज के भविष्य और नई पीढ़ी के निर्माण से जुड़ा हुआ है। ऐसे में अगर कोई शिक्षक या कर्मचारी भ्रष्टाचार करता है या अशोभनीय हरकतों में शामिल होता है तो यह केवल विभाग की छवि को धूमिल नहीं करता बल्कि बच्चों और समाज के लिए भी गलत संदेश देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग अब शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम करेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

परिवार और समाज तक पहुंचेगी जानकारी
इस नए फैसले की सबसे अहम बात यह है कि अब जांच रिपोर्ट को दोषी के घर के बाहर चस्पा किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इससे दोषियों के परिवार और रिश्तेदारों को भी उनके गलत कामों की जानकारी होगी। इसका उद्देश्य केवल सजा देना नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करना भी है। मंत्री का मानना है कि जब किसी कर्मचारी की गलत हरकतों का खुलासा उसके अपने परिवार के सामने होगा तो यह अन्य लोगों के लिए भी सबक का काम करेगा।

कई मामले आए थे सामने
हाल के दिनों में शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता से जुड़े कई मामले सामने आए थे। कहीं नियुक्तियों और तबादलों में रिश्वतखोरी की शिकायतें मिलीं, तो कहीं शिक्षकों द्वारा कक्षाओं में अनुचित आचरण की घटनाएं दर्ज की गईं। इन मामलों ने विभाग की साख पर सवाल खड़े कर दिए थे। विपक्षी दल भी लगातार इन घटनाओं पर सरकार को घेरते रहे हैं। अब शिक्षा मंत्री का यह फैसला विभाग की छवि को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

विभागीय निगरानी होगी और सख्त
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे मामलों की निगरानी करें और शिकायतें मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें। साथ ही जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया है।

शिक्षकों पर बढ़ेगी जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से ईमानदारी से काम करने वाले शिक्षकों की छवि और मजबूत होगी। वहीं, जो लोग भ्रष्टाचार और गलत गतिविधियों में शामिल हैं, उनके लिए यह चेतावनी है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर इस फैसले को पूरी सख्ती से लागू किया गया तो विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ेगी।