जलदाय विभाग में तबादलों के बाद बढ़ा पेयजल संकट, 250 इंजीनियरों ने 10 दिन बाद भी नहीं दी जॉइनिंग
राजस्थान में जलदाय विभाग में बड़े पैमाने पर हुए इंजीनियरों के तबादलों का असर अब प्रदेश की पेयजल व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। कई जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसके पीछे प्रमुख कारण यह है कि तबादला आदेश जारी होने के दस दिन बाद भी बड़ी संख्या में इंजीनियरों ने नई जगह पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
806 इंजीनियरों के हुए थे तबादले
जलदाय विभाग ने 10 जुलाई को विभागीय स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 806 इंजीनियरों के तबादले किए थे। इसका उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना और विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार अधिकारियों की तैनाती करना था।
हालांकि, तबादलों के बाद व्यवस्थाएं सुचारु होने के बजाय कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने लगी है।
250 इंजीनियरों ने अब तक नहीं संभाला कार्यभार
विभागीय जानकारी के अनुसार, तबादला सूची जारी होने के 10 दिन बाद भी करीब 250 इंजीनियरों ने अपने नए पदस्थापन स्थल पर जॉइनिंग नहीं दी है। इनमें कई अधिकारी ऐसे भी हैं, जिन्हें उनके पुराने पद से कार्यमुक्त (रिलीव) किया जा चुका है।
ऐसी स्थिति में कई स्थानों पर न तो पुराने अधिकारी मौजूद हैं और न ही नए अधिकारी कार्यभार संभाल पाए हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।
पेयजल सप्लाई पर पड़ा असर
इंजीनियरों की कमी का सीधा असर प्रदेश के कई शहरों और ग्रामीण इलाकों की पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहा है। पाइपलाइन रखरखाव, जलापूर्ति की निगरानी, तकनीकी समस्याओं का समाधान और आपूर्ति प्रबंधन जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
कई क्षेत्रों से पानी की अनियमित सप्लाई और तकनीकी शिकायतों के समय पर समाधान नहीं होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
विभाग के सामने दोहरी चुनौती
जलदाय विभाग के सामने इस समय एक ओर पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर खाली पड़े पदों पर जल्द से जल्द इंजीनियरों की तैनाती सुनिश्चित करना भी बड़ी जिम्मेदारी बन गया है।
विभागीय अधिकारियों का प्रयास है कि जिन इंजीनियरों ने अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, उन्हें जल्द नई जगह जॉइन करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्था सामान्य हो सके।
लोगों को हो रही परेशानी
भीषण गर्मी और मानसून के बीच कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाली पदों पर जल्द नियुक्ति और कार्यभार ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जलदाय विभाग लंबित जॉइनिंग की समस्या का समाधान कितनी जल्दी करता है और प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था कब तक पूरी तरह सामान्य हो पाती है।
