डोटासरा का सरकार पर हमला, OBC आयोग और निकाय चुनावों को लेकर लगाए गंभीर आरोप
राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर लोकतंत्र की प्रक्रिया को कमजोर करने और चुनावों में देरी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्यशैली से लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक बन रहा है।
डोटासरा ने ओबीसी आयोग के कार्यकाल को सितंबर तक बढ़ाए जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे सरकार की मंशा पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव कराने को लेकर गंभीर नहीं है और विभिन्न संस्थागत प्रक्रियाओं को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नवंबर 2024 में प्रदेश की 59 नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के चुनाव लंबित हो गए थे। इसके बाद सभी शहरी निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है और वर्तमान में किसी भी पालिका में निर्वाचित जनप्रतिनिधि कार्यरत नहीं हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस स्थिति में सरकार ने सभी शहरी निकायों में प्रशासक नियुक्त कर दिए हैं, जिससे स्थानीय लोकतंत्र कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि यह जनता के अधिकारों के खिलाफ है और इससे विकास कार्यों की गति भी प्रभावित हो रही है।
डोटासरा ने आगे कहा कि पंचायत और निकाय चुनावों में लगातार हो रही देरी से ग्रामीण और शहरी दोनों स्तर पर प्रशासनिक संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द चुनाव कराने और लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
वहीं राजनीतिक हलकों में डोटासरा के इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा की ओर से अभी इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल प्रदेश की राजनीतिक स्थिति में निकाय चुनाव और आयोग से जुड़े मुद्दे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।
