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डोटासरा का किरोड़ी लाल मीणा पर पलटवार, वीडियो में बोले- ‘गहलोत के पैरों में गिरकर मुकदमे हटाने की गुहार लगाई थी’

डोटासरा का किरोड़ी लाल मीणा पर पलटवार, वीडियो में बोले- ‘गहलोत के पैरों में गिरकर मुकदमे हटाने की गुहार लगाई थी’
 
डोटासरा का किरोड़ी लाल मीणा पर पलटवार, वीडियो में बोले- ‘गहलोत के पैरों में गिरकर मुकदमे हटाने की गुहार लगाई थी’

राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष Govind Singh Dotasra ने कृषि मंत्री Kirori Lal Meena पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री Ashok Gehlot के सामने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे हटाने की गुहार लगाई थी।

OBC प्रमाण पत्र विवाद के बाद बढ़ी सियासी तल्खी

यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब किरोड़ी लाल मीणा ने डोटासरा के बेटे और बहू पर कथित रूप से गलत तरीके से ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाकर आरएएस बनने का आरोप लगाया। उन्होंने इस मामले की जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा था।

डोटासरा ने सुनाया पुराना घटनाक्रम

डोटासरा ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि एक बार किरोड़ी लाल मीणा ने उनसे तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से अलग से मुलाकात कराने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा, “मैं सार्वजनिक रूप से कह रहा हूं कि किरोड़ी ने मुझसे कहा था कि मुख्यमंत्री से अकेले में बात करनी है। मुलाकात के करीब 15 मिनट बाद जब अशोक गहलोत बाहर आए तो उन्होंने मुझसे पूछा कि इसे मेरे पास क्यों लाए थे। जब मैंने कारण पूछा तो गहलोत ने कहा कि यह मेरे पैरों में पड़ गया और रोने लगा कि मेरे खिलाफ दर्ज मुकदमे हटवा दीजिए।”

अवैध वसूली के आरोप भी लगाए

डोटासरा ने किरोड़ी लाल मीणा पर खाद-बीज कारोबारियों के यहां छापेमारी के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली का भी आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

किरोड़ी लाल मीणा और गोविंद सिंह डोटासरा के बीच जारी यह बयानबाजी अब राजस्थान की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। एक ओर ओबीसी प्रमाण पत्र और आरएएस भर्ती से जुड़े आरोप हैं, तो दूसरी ओर पुराने मामलों और कथित वसूली को लेकर नए आरोप लगाए जा रहे हैं।

फिलहाल दोनों नेताओं के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक गलियारों में इस बयानबाजी को आगामी राजनीतिक समीकरणों और बढ़ते टकराव के रूप में देखा जा रहा है।