जयपुर में CJP और ग्रामीणों में स्कूल को लेकर विवाद, राजस्थान के 611 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं
जयपुर में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के सदस्यों और ग्रामीणों के बीच एक सरकारी स्कूल में प्रवेश को लेकर विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि संबंधित स्कूल एक तबेले में संचालित हो रहा था। स्कूल की स्थिति देखने पहुंचे CJP के सदस्यों और ग्रामीणों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। घटना के बीच राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर सामने आए आंकड़ों ने भी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
सरकार की ओर से विधानसभा में दिए गए जवाब के मुताबिक, राजस्थान में 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास अपना भवन नहीं है। इनमें 10 बालिका विद्यालय भी शामिल हैं। इसके अलावा राज्य में भवन वाले हजारों सरकारी स्कूलों में भी शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
611 स्कूलों के पास अपना भवन नहीं
सरकारी आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए स्कूल का अपना भवन उपलब्ध नहीं है। इनमें 10 बालिका स्कूल भी शामिल हैं। ऐसे स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए वैकल्पिक स्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है।
जयपुर में जिस स्कूल को लेकर CJP और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ, उसके तबेले में संचालित होने की बात सामने आई है। इस स्थिति ने सरकारी स्कूलों के लिए पर्याप्त भवन और बुनियादी ढांचे की जरूरत को फिर चर्चा में ला दिया है।
2,047 स्कूलों में शौचालय नहीं
राज्य में स्कूल भवन से जुड़ी समस्या के अलावा शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। सरकार के अनुसार राजस्थान में भवन वाले 64,484 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से 2,047 स्कूलों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
स्कूलों में शौचालय की व्यवस्था विद्यार्थियों, खासकर छात्राओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में बड़ी संख्या में स्कूलों में इस बुनियादी सुविधा का उपलब्ध न होना शिक्षा व्यवस्था के सामने चुनौती को दिखाता है।
1,049 स्कूलों में पीने का पानी नहीं
सरकारी जवाब में यह भी सामने आया है कि भवन वाले 1,049 सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यानी स्कूल के पास अपना भवन होने के बावजूद कई जगह विद्यार्थियों को साफ पेयजल जैसी जरूरी सुविधा नहीं मिल पा रही है।
पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और स्वास्थ्य से भी जुड़ी होती हैं। इसलिए इन कमियों को दूर करना शिक्षा व्यवस्था की बुनियादी जरूरतों में शामिल है।
नेता प्रतिपक्ष के सवाल पर सरकार का जवाब
ये आंकड़े नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने सामने रखे हैं। विधानसभा में दिए गए जवाब के बाद प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे की स्थिति पर चर्चा तेज हो सकती है।
एक तरफ सरकार सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ 611 स्कूलों के पास अपना भवन नहीं होना और हजारों स्कूलों में शौचालय या पेयजल सुविधा का अभाव जमीनी स्थिति को सामने रखता है।
जयपुर में CJP और ग्रामीणों के बीच हुआ विवाद इसी व्यापक मुद्दे से जुड़ा नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि सरकार बिना भवन वाले स्कूलों और बुनियादी सुविधाओं से वंचित विद्यालयों के लिए किस तरह की ठोस व्यवस्था करती है और इन कमियों को दूर करने में कितना समय लगता है।
