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विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू, डोटासरा का सरकार पर हमला, बोले– 12 साल के पेपर लीक की कराओ CBI जांच

विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू, डोटासरा का सरकार पर हमला, बोले– 12 साल के पेपर लीक की कराओ CBI जांच
 
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू, डोटासरा का सरकार पर हमला, बोले– 12 साल के पेपर लीक की कराओ CBI जांच

राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने की। अपने संबोधन के दौरान डोटासरा ने मौजूदा सरकार के साथ-साथ पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रदेश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

डोटासरा ने सदन में कहा कि यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता चाहती है तो पिछले 12 वर्षों में हुए सभी भर्ती परीक्षा घोटालों और पेपर लीक मामलों की सीबीआई से जांच करवाई जाए। उन्होंने चुनौतीपूर्ण लहजे में कहा, “दम है तो सरकार 12 साल के सभी पेपर लीक की सीबीआई जांच करवा ले, सच्चाई खुद सामने आ जाएगी।”

उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाएं किसी एक सरकार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है। डोटासरा ने कहा कि वर्ष 2013 से लेकर 2017 के बीच भी रीट सहित कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार गड़बड़ियों ने प्रदेश के युवाओं का भरोसा तोड़ा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आज भी बेरोजगार युवा सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं और सरकार ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल बयानबाजी कर रही है। उन्होंने सरकार से भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सख्त व्यवस्था लागू करने की मांग की।

डोटासरा ने अपने भाषण में कहा कि पेपर लीक केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संगठित अपराध है, जिसमें बड़े स्तर पर मिलीभगत होती है। ऐसे मामलों में छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि मास्टरमाइंड तक पहुंचना जरूरी है।

उनके संबोधन के दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। भाजपा विधायकों ने आरोपों का विरोध किया, जबकि कांग्रेस सदस्यों ने समर्थन में नारेबाजी की। कुछ समय के लिए सदन का माहौल भी गरमा गया।

फिलहाल, राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के साथ ही विधानसभा में पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। आने वाले दिनों में इस विषय पर और तीखी राजनीतिक बहस होने की संभावना जताई जा रही है।