जयपुर एयरपोर्ट से कई शहरों की सीधी फ्लाइट बंद, वीडियो में जाने जैसलमेर-अयोध्या समेत कई रूट विंटर शेड्यूल से बाहर; 46% महंगा हुआ ATF
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वाले यात्रियों को आने वाले दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अगले हफ्ते से लागू होने वाले विंटर शेड्यूल में कई शहरों के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं होगी। नए शेड्यूल में जयपुर से जैसलमेर, वाराणसी और अयोध्या के लिए सीधी फ्लाइट नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा अमृतसर, धर्मशाला, भुवनेश्वर, आगरा और बेलगावी जैसे शहरों के लिए भी सीधी हवाई सेवाएं शेड्यूल से बाहर हैं। ऐसे में इन शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को दूसरे रूट, कनेक्टिंग फ्लाइट या रेल और सड़क परिवहन का विकल्प चुनना पड़ सकता है।
जैसलमेर, वाराणसी और अयोध्या जाने वालों की बढ़ेगी परेशानी
जयपुर से जैसलमेर, वाराणसी और अयोध्या के लिए सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। खासकर उन लोगों को परेशानी हो सकती है, जो कम समय में गंतव्य तक पहुंचने के लिए हवाई यात्रा को प्राथमिकता देते हैं।जैसलमेर राजस्थान का प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जबकि वाराणसी और अयोध्या धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण शहर हैं। इन शहरों के लिए सीधी उड़ानों की अनुपलब्धता से पर्यटन और व्यक्तिगत यात्राओं की योजना बनाने वाले लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।
इसके अलावा अमृतसर, धर्मशाला और भुवनेश्वर के लिए भी सीधी कनेक्टिविटी शेड्यूल में शामिल नहीं है। आगरा और बेलगावी समेत अन्य शहरों के यात्रियों को भी अपनी यात्रा के लिए दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।हालांकि, किसी रूट पर सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं होने का अर्थ यह नहीं है कि वहां हवाई यात्रा पूरी तरह बंद हो जाएगी। यात्री दूसरे शहरों के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट ले सकते हैं। संबंधित एयरलाइन से यात्रा की तारीख के अनुसार उपलब्ध उड़ानों की पुष्टि करना जरूरी होगा।
विंटर शेड्यूल में क्यों होता है बदलाव?
एयरपोर्ट पर गर्मियों और सर्दियों के मौसम के अनुसार उड़ानों का शेड्यूल बदला जाता है। इसे समर और विंटर शेड्यूल कहा जाता है। इसमें उड़ानों की संख्या, समय, रूट और विमानों की उपलब्धता के आधार पर बदलाव किए जाते हैं।एयरलाइंस किसी रूट पर यात्रियों की मांग, परिचालन लागत, विमानों की उपलब्धता और व्यावसायिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर उड़ानें संचालित करती हैं। इसी कारण कुछ रूट मौसमी शेड्यूल में शामिल होते हैं, जबकि कुछ पर सेवाएं अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं रहतीं।जयपुर एयरपोर्ट के नए विंटर शेड्यूल में कई शहरों के लिए सीधी उड़ानें नहीं होने से यात्रियों को पहले से टिकट और यात्रा की योजना जांचने की जरूरत होगी।
आठ महीने में 46% महंगा हुआ एविएशन टर्बाइन फ्यूल
हवाई सेवाओं में बदलाव के बीच एयरलाइंस के सामने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतें भी चुनौती बनी हुई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले आठ महीनों में ATF की कीमत करीब 46 प्रतिशत बढ़ी है।फरवरी में इसकी कीमत लगभग 94 हजार रुपये प्रति किलोलीटर थी, जो अब बढ़कर करीब 1.37 लाख रुपये प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई है।
विमानों के संचालन में ईंधन एक बड़ा खर्च होता है। ऐसे में ATF की कीमतों में बढ़ोतरी से एयरलाइंस की परिचालनलागत पर दबाव पड़ सकता है। कंपनियों को ईंधन के खर्च के साथ विमान किराया, कर्मचारियों, रखरखाव और अन्य परिचालन खर्चों का भी प्रबंधन करना पड़ता है।हालांकि, ईंधन महंगा होने का मतलब यह नहीं है कि सभी रूटों पर किराया तुरंत बढ़ जाएगा। हवाई किराए पर मांग, सीटों की उपलब्धता, प्रतिस्पर्धा और एयरलाइन की व्यावसायिक रणनीति का भी असर पड़ता है।
यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले करनी होगी जांच
विंटर शेड्यूल लागू होने के बाद जयपुर से यात्रा करने वाले लोगों के लिए उड़ानों की उपलब्धता की जांच करना महत्वपूर्ण होगा। खासकर जैसलमेर, वाराणसी, अयोध्या, अमृतसर और धर्मशाला जैसे शहरों की यात्रा करने वालों को एयरलाइन की वेबसाइट या आधिकारिक बुकिंग प्लेटफॉर्म पर अपनी तारीख के अनुसार उड़ानों की जानकारी देखनी चाहिए।
यदि सीधी फ्लाइट उपलब्ध नहीं है, तो कनेक्टिंग फ्लाइट, ट्रेन या बस के विकल्प पर विचार किया जा सकता है। यात्रा से पहले टिकट की शर्तें, कनेक्शन के बीच का समय और संभावित अतिरिक्त खर्च भी जांचना उपयोगी रहेगा।कुल मिलाकर, जयपुर एयरपोर्ट के विंटर शेड्यूल में होने वाले बदलाव से कई शहरों के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है। वहीं, ATF की बढ़ती कीमतें एयरलाइंस के खर्च पर दबाव डाल रही हैं। ऐसे में यात्रियों को आने वाले दिनों में उड़ानों की उपलब्धता और किराए पर नजर रखनी होगी।
