राजस्थान में घना कोहरा और कड़ाके की सर्दी, वीडियो में देखें कोटा-झालावाड़ हाईवे पर बस पलटी, 30 से ज्यादा घायल
राजस्थान के अधिकतर जिले शनिवार को घने कोहरे और कड़ाके की सर्दी की चपेट में रहे। सुबह से ही कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम रही, जिसका असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर साफ दिखाई दिया। कोहरे के चलते कोटा-झालावाड़ हाईवे पर एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में 30 से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा शनिवार सुबह उस समय हुआ जब कोटा-झालावाड़ हाईवे पर घना कोहरा छाया हुआ था। बस चालक को आगे का रास्ता साफ नजर नहीं आ रहा था, जिससे बस असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बस से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बन गई, जिसे बाद में पुलिस ने सुचारू कराया।
घने कोहरे का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। जयपुर और जोधपुर एयरपोर्ट पर कोहरे के कारण कई फ्लाइट्स लेट हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने के कारण विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ में देरी हुई। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, मौसम साफ होने के बाद धीरे-धीरे उड़ानों का संचालन सामान्य किया गया।
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के कई जिलों के लिए घने कोहरे और भीषण सर्दी का अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, सीकर, हनुमानगढ़ सहित करीब 10 जिलों में घना कोहरा छाए रहने और शीतलहर चलने की संभावना है। सीकर में न्यूनतम तापमान गिरकर 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं नए साल में पहली बार प्रदेश में तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड होने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे सर्दी ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में सर्दी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। यहां दिन का तापमान जमाव बिंदु के आसपास पहुंच गया है। ठंड इतनी अधिक है कि सुबह के समय खुले स्थानों पर पानी जमने की स्थिति बन रही है। सैलानियों के लिए यह नजारा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए ठंड परेशानी का कारण बन गई है।
शुक्रवार को भी प्रदेश के रेगिस्तानी जिलों में कड़ाके की सर्दी दर्ज की गई। बाड़मेर और बीकानेर जैसे इलाकों में बर्फीली हवाओं के कारण तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। तेज सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। बाजारों में सुबह और देर रात सन्नाटा पसरा रहा।
