पांच दिन का बैंक कार्य सप्ताह लागू करने की मांग तेज, वीडियो में देखें जयपुर में बैंक कर्मियों का धरना-प्रदर्शन
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर देशभर में बैंक कर्मचारियों ने पांच दिन के कार्य सप्ताह और हर शनिवार अवकाश की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मंगलवार को जयपुर में भी बैंक कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में नारे लगाए और शीघ्र निर्णय की मांग की।
जयपुर में आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान बैंक कर्मचारी नेता सूरज भान सिंह आमेरा ने आंदोलन की जानकारी देते हुए बताया कि बैंकिंग सेक्टर की पांच प्रमुख कर्मचारी यूनियन और चार अधिकारी संगठन मिलकर यह संयुक्त आंदोलन चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों की यह मांग लंबे समय से लंबित है, लेकिन सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
सूरज भान सिंह आमेरा ने कहा कि आज के दौर में जब अधिकांश सरकारी और निजी संस्थानों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू है, तब बैंक कर्मचारियों से छह दिन काम कराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं का डिजिटलीकरण तेजी से हुआ है और काम के तरीके बदले हैं, ऐसे में कर्मचारियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू होने से न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि उनकी कार्यक्षमता और सेवा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत देशभर में प्रदर्शन, धरने, सोशल मीडिया के माध्यम से ट्विटर अभियान और जरूरत पड़ने पर हड़ताल की भी घोषणा की गई है। यूनियन नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन सरकार को बैंक कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इस आंदोलन के तहत पांच दिन के बैंक कार्य सप्ताह की मांग को लेकर सभी राज्यों की राजधानियों में बैंक कार्मिकों ने एक साथ धरना आयोजित किया। जयपुर में हुए प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने पोस्टर और बैनर के जरिए अपनी मांगों को सामने रखा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हर शनिवार छुट्टी होने से कर्मचारियों को परिवार और स्वास्थ्य के लिए समय मिलेगा, जिससे कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होगा।
बैंक कर्मचारियों ने यह भी बताया कि कई बार लंबा कार्य समय और लगातार काम का दबाव तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है। ऐसे में पांच दिन का कार्य सप्ताह कर्मचारियों के हित में एक जरूरी कदम है। यूनियन का दावा है कि इससे बैंकिंग सेवाओं पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, बल्कि बेहतर योजना और तकनीक के माध्यम से ग्राहकों को समय पर सेवाएं दी जा सकती हैं।
धरना-प्रदर्शन के बाद यूनियन नेताओं ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। अब सबकी निगाहें सरकार और बैंक प्रबंधन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि वे बैंक कर्मचारियों की इस लंबे समय से चली आ रही मांग पर क्या रुख अपनाते हैं।
