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टीकाराम जूली बोले- दिल्ली के व्यापारियों को खुश होना चाहिए, वीडियो में जाने कांग्रेस की रैली में लाखों लोग आएंगे और शॉपिंग करेंगे

टीकाराम जूली बोले- दिल्ली के व्यापारियों को खुश होना चाहिए, वीडियो में जाने कांग्रेस की रैली में लाखों लोग आएंगे और शॉपिंग करेंगे
 
टीकाराम जूली बोले- दिल्ली के व्यापारियों को खुश होना चाहिए, वीडियो में जाने कांग्रेस की रैली में लाखों लोग आएंगे और शॉपिंग करेंगे

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की रैली को लेकर व्यापारियों की ओर से जताए जा रहे विरोध पर प्रतिक्रिया दी है। अलवर में उन्होंने कहा कि रैली को लेकर विरोध का माहौल भारतीयजनता पार्टी की ओर से बनाया जा रहा है। जूली ने कहा कि राजस्थान से लाखों लोग दिल्ली जाएंगे, वहां घूमेंगे और खरीदारी भी करेंगे। ऐसे में दिल्ली के व्यापारियों को इसका स्वागत करना चाहिए। जूली ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने फॉर्म नंबर  में किए गए बदलाव को लेकर आयोग पर आरोप लगाए और कहा कि इस तरह का बदलाव संसद में कानून पारित करके ही किया जा सकता है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।

दिल्ली में लाखों लोग जाएंगे, व्यापारियों को होगा फायदा: जूली

टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस की रैली में शामिल होने के लिए राजस्थान से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंचेंगे। उनके मुताबिक, लोग रैली में भाग लेने के साथ दिल्ली में घूमने और खरीदारी करने भी जाएंगे। इससे स्थानीय कारोबार को फायदा मिल सकता है।जूली ने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों को इस बात से खुश होना चाहिए कि लाखों लोग राजधानी पहुंचेंगे। उन्होंने रैली को लेकर व्यापारियों के विरोध को भाजपा की ओर से बनाया गया माहौल बताया। हालांकि, व्यापारियों के विरोध के कारणों और उनकी ओर से रखे गए पक्ष को लेकर उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं कहा।

फॉर्म नंबर 6 में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल

अलवर में मीडिया से बातचीत के दौरान जूली ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि फॉर्म नंबर 6 में बदलाव केवल संसद की ओर से कानून पारित किए जाने के बाद ही किया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जूली ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने खुद ही फॉर्म नंबर 6 में बदलाव कर दिया।फॉर्म नंबर 6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। जूली ने इस मुद्दे को लेकर आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के बदलावों को लेकर प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए। उनके आरोपों पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया इस बयान में सामने नहीं आई है।

रावण देवरा गांव के मतदाताओं को लेकर उठाया मुद्दा

जूली ने अलवर के रावण देवरा गांव का उदाहरण देते हुए मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों के वोट कहां गए, यह स्पष्ट होना चाहिए। जूली के मुताबिक, इन लोगों के नाम न तो ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में दिखाई दे रहे हैं और न ही शहर की सूची में।उन्होंने सवाल किया कि यदि मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं, तो उनके वोट कहां गए। जूली ने इसे अलवर से जुड़ा मुद्दा बताते हुए चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। हालांकि, गांव के मतदाताओं के नाम सूची में नहीं होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

ज्ञानेश कुमार को लेकर दिया विवादित बयान

टीकाराम जूली ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना होगा और उन्हें जेल जाकर चक्की भी पीसनी पड़ेगी। जूली ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग से जुड़े ये काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर हो रहे हैं।

जूली ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के लोग चुनाव से जुड़े सवालों को जाति, धर्म, चीन और बांग्लादेश जैसे मुद्दों से जोड़ देते हैं। उनके बयान के बाद चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।जूली के बयान में कांग्रेस की दिल्ली रैली, मतदाता सूची में संशोधन और चुनाव आयोग की निष्पक्षता जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। वहीं, फॉर्म नंबर 6 में बदलाव और रावण देवरा गांव के मतदाताओं से जुड़े आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।