कोटा-झालावाड़ NH-52 पर दरा घाटी बनी मुसीबत, भीषण जाम से आमजन परेशान
राजस्थान के कोटा-झालावाड़ को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-52 पर स्थित दरा घाटी इन दिनों आमजन के लिए बड़ी समस्या बन गई है। यहां लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम ने यात्रियों और स्थानीय लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई बार मरीजों तक को घंटों तक सड़क पर फंसे रहना पड़ रहा है।
दरा घाटी, जो कि मुकंदरा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित है, यहां सड़क के सिंगल लेन होने के कारण जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। भारी वाहनों की आवाजाही और संकरी सड़क के चलते ट्रैफिक बार-बार बाधित हो जाता है, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
यात्रियों का कहना है कि इस मार्ग पर रोजाना घंटों जाम में फंसना अब आम बात हो गई है। कई बार तो स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं भी समय पर आगे नहीं बढ़ पातीं, जिससे गंभीर मरीजों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि अगर इस मार्ग को चौड़ा किया जाए या वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि दरा घाटी का इलाका पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील है, क्योंकि यह टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आता है, जिस कारण सड़क चौड़ीकरण में कई प्रकार की अड़चनें आती हैं। हालांकि, ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस समय-समय पर मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने का प्रयास करती है, लेकिन भारी वाहनों और बढ़ते ट्रैफिक के कारण समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रही है।
फिलहाल, NH-52 के इस हिस्से पर जाम आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों से लोगों की मांग है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि यातायात सुगम हो सके और लोगों को राहत मिल सके।
