डिजिटल जनगणना के नाम पर साइबर ठगी का खतरा, वीडियो में देंखे राजस्थान पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
केंद्र सरकार द्वारा शुरू की जा रही डिजिटल जनगणना को लेकर जहां एक ओर तैयारियां तेज हैं, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधियों ने इसी प्रक्रिया का फायदा उठाने की कोशिश शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, साइबर ठग खुद को जनगणना अधिकारी बताकर आम नागरिकों को लिंक और कॉल के जरिए निशाना बना सकते हैं और उनके बैंक खातों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए Rajasthan Police ने आम जनता के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। साइबर क्राइम के उप महानिरीक्षक पुलिस Shantanu Kumar Singh ने लोगों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि डिजिटल जनगणना के नाम पर किसी भी प्रकार की फर्जी कॉल, मैसेज या लिंक से सावधान रहें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार की इस डिजिटल जनगणना प्रक्रिया के तहत नागरिकों को स्व-गणना (Self Census) की सुविधा दी गई है, लेकिन इसके लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग किया जाना चाहिए। इस प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय 1 मई से 15 मई तक रखा गया है। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि जनगणना पूरी तरह निशुल्क प्रक्रिया है और इसके लिए किसी भी प्रकार की फीस, शुल्क या ऑनलाइन भुगतान नहीं लिया जाता। यदि कोई व्यक्ति खुद को जनगणना अधिकारी बताकर वेरिफिकेशन कोड, OTP या QR कोड के नाम पर पैसे मांगता है, तो वह निश्चित रूप से साइबर अपराधी हो सकता है।
साइबर पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अज्ञात नंबर से आए कॉल पर अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा करें। डिजिटल ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और ठग अक्सर सरकारी योजनाओं या आधिकारिक प्रक्रियाओं का नाम लेकर लोगों को भ्रमित करते हैं। Rajasthan Police ने कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट साइबर हेल्पलाइन पर की जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों का मानना है कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर फ्रॉड के तरीके भी अधिक परिष्कृत हो गए हैं। ऐसे में नागरिकों को अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है, खासकर तब जब कोई प्रक्रिया सरकारी योजना या जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य से जुड़ी हो। फिलहाल, पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियां लोगों को लगातार जागरूक करने में जुटी हुई हैं, ताकि डिजिटल जनगणना के इस महत्वपूर्ण अभियान को सुरक्षित और सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।
