राजस्थान के 6 कॉलेज छात्रों के खिलाफ साइबर फ्रॉड मामला — सोमनाथ भक्तों से ऑनलाइन ठगी, गिरफ्तार
पुलिस ने राजस्थान के छह कॉलेज के छात्रों को साइबर फ्रॉड नेटवर्क चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है, जिन्होंने श्री सोमनाथ ट्रस्ट के भक्तों को निशाना बनाकर धोखाधड़ी की थी। यह जानकारी मंगलवार को अधिकारियों ने साझा की।
📍 कैसे किया फ्रॉड?
आरोप है कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने श्रीनाथ मंदिर के प्रसिद्ध गेस्ट हाउस — सागर दर्शन गेस्ट हाउस, माहेश्वरी गेस्ट हाउस और लीलावती गेस्ट हाउस — में कमरे बुक करने का झांसा देकर भक्तों से अग्रिम भुगतान प्राप्त किया। बाद में जब तीर्थयात्री गेस्ट हाउस पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि कोई बुकिंग दर्ज नहीं थी, क्योंकि वह बुकिंग असली सिस्टम में कभी हुई ही नहीं थी।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने आधिकारिक बुकिंग पोर्टल जैसी दिखने वाली चार नकली वेबसाइटें तैयार की थीं, जिनमें असली वेबसाइट का लेआउट, लोगो और तस्वीरें नकल करके एडवांस किए गए थे। आरोपियों ने इन्हें और विश्वसनीय दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल का भी इस्तेमाल किया।
💻 धोखाधड़ी का तरीका
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नकली साइटों पर फर्जी मोबाइल नंबर, QR कोड, UPI और बैंक ट्रांसफर विकल्प दिखाकर भरोसेमंद तरीके से पैसे लिए गए।
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कई मामलों में तीर्थयात्रियों को ऑनलाइन पूजा या दान लिंक पर क्लिक कर के भी गुमराह किया गया।
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आरोपियों ने साइट को गूगल सर्च में ऊपर दिखाने के लिए पेड प्रमोशन का उपयोग किया और कॉलों/संदेशों के स्रोत को छिपाने के लिए लोकेशन‑चेंजिंग एप का उपयोग भी किया।
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भुगतान के बाद, शिकायतकर्ताओं को AI‑जनित बुकिंग रसीदें भेजी गईं, जिससे वे धोखे में रहे।
👮♂️ गिरफ्तार आरोपी और स्थान
टेक्निकल सर्विलांस से पता चला कि यह फ्रॉड नेटवर्क लगभग 5 महीनों से जयपुर (राजस्थान) की एक किराये की प्रॉपर्टी से संचालित किया जा रहा था।
पुलिस ने जिन छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है उनकी पहचान सचिन हरसाना, अभिषेक उपाध्याय, राजकुमार प्रताप, शेरसिंह, माधव गुर्जर और विष्णुकुमार अवतार के रूप में की है। सभी आरोपी कॉलेज के छात्र बताए जा रहे हैं।
💰 धोखाधड़ी का पैमाना और शिकायतें
पुलिस के अनुसार केवल सोमनाथ गेस्ट हाउस से जुड़ी नकली वेबसाइटों के ज़रिए ही लगभग ₹20 लाख की ठगी का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, जांच में यह भी पता चला कि इसी तरह की धोखाधड़ी वृंदावन, काशी विश्वनाथ और नाथद्वारा जैसे अन्य धार्मिक स्थलों के नाम पर भी ऑनलाइन साइटों के ज़रिये की जा रही थी।
📢 पुलिस की अपील
अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे केवल श्री सोमनाथ ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें और किसी भी ऑनलाइन भुगतान से पहले वेबसाइट की सच्चाई अवश्य जांचें, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
