क्राइम फाइल्स पार्ट-1: मेड़ता रोड में मिली रहस्यमयी महिला की लाश, बंद कमरे में मिला खून से सना सच
29 नवंबर 2018 को राजस्थान के नागौर जिले के मेड़ता रोड क्षेत्र के बाईपुरा मोहल्ले में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। एक साधारण से मकान के अंदर जब पुलिस पहुंची तो वहां का दृश्य बेहद संदिग्ध और रहस्यमयी था। कमरे के अंदर एक महिला का शव पड़ा हुआ मिला, जबकि उसी मकान में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि घटनास्थल से एक कागज बरामद हुआ, जिस पर साफ तौर पर लिखा हुआ था— “उम्मेदा उन दोनों की मौत का जिम्मेदार है।” इस संदेश ने पूरे मामले को और भी उलझा दिया और कई सवाल खड़े कर दिए कि आखिर यह “उम्मेदा” कौन है और उसका इस घटना से क्या संबंध हो सकता है।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर पहुंचने पर पाया गया कि मकान का एक कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर जब पुलिस अंदर दाखिल हुई तो वहां महिला का शव और घायल व्यक्ति मिला। प्रारंभिक जांच में यह मामला संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और गंभीर हमले का प्रतीत हुआ।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर दहशत और चर्चाओं का माहौल बन गया। मोहल्ले के लोग इस बात से हैरान थे कि आखिर एक बंद कमरे में ऐसी घटना कैसे घट सकती है और कौन है जो इस पूरे मामले से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए और कमरे की गहन जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह मामला आत्महत्या, हत्या या किसी सुनियोजित अपराध का हिस्सा है। कमरे की स्थिति और अंदर से बंद दरवाजा इस केस को और भी पेचीदा बना रहा था।
घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि घायल व्यक्ति के बयान इस मामले की सच्चाई तक पहुंचने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन उस समय तक उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी।
बरामद हुए सुसाइड नोट जैसे कागज ने जांच को एक अलग दिशा दे दी थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही थी कि क्या यह संदेश किसी को फंसाने की कोशिश है या वास्तव में किसी विवाद या रंजिश का परिणाम है।
इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और आपसी रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही थी और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी सबूतों को बारीकी से खंगाला जा रहा था।
