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झुंझुनूं में गांजा फसल मामले पर विवाद, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे पुलिस कार्रवाई पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

झुंझुनूं में गांजा फसल मामले पर विवाद, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे पुलिस कार्रवाई पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
 
झुंझुनूं में गांजा फसल मामले पर विवाद, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे पुलिस कार्रवाई पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में पुलिस की एक कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गोठड़ा थाना क्षेत्र के ढाका की ढाणी के एक गांव में 26 अप्रैल को पुलिस ने कथित तौर पर गांजे की फसल पकड़े जाने का दावा किया था। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत केस दर्ज किया था।हालांकि, इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने इसे पूरी तरह फर्जी बताते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिन पौधों को पुलिस गांजा बता रही है, वे वास्तव में जंगली घास हैं और उन्हें गलत तरीके से अवैध फसल के रूप में पेश किया गया है।

इस मामले को लेकर बुधवार को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी विरोध देखने को मिला। पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है और कार्रवाई में गंभीर लापरवाही की गई है।प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द निष्पक्ष जांच कर निर्दोष लोगों को राहत नहीं दी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई प्रारंभिक जांच और मौके पर मिले तथ्यों के आधार पर की गई है। अधिकारियों के अनुसार, पौधों की पहचान और रिपोर्ट के आधार पर ही एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया की दोबारा जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की गलती पाई जाती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला पुलिस कार्रवाई और ग्रामीणों के दावों के बीच टकराव का रूप ले चुका है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। आगे की स्थिति जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होने की संभावना है।