बाड़मेर में कांग्रेस नेता फतेह खान पर विवाद, बयानबाजी के बाद बढ़ी कानूनी कार्रवाई की संभावना
बाड़मेर की सरहदी सियासत में उस समय बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला अध्यक्ष फतेह खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।
यह मामला 13 मार्च का है, जब बाड़मेर जिला मुख्यालय पर कांग्रेस पार्टी की ओर से बढ़ती गैस कीमतों के खिलाफ “हल्ला बोल” प्रदर्शन किया जा रहा था। इस दौरान मंच से दिए गए फतेह खान के भाषण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान फतेह खान ने कुछ ऐसे बयान दिए, जिन्हें आपत्तिजनक और विवादित माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि उनके बयान देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ माने जा रहे हैं, साथ ही उन पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने का भी आरोप है।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है और सियासी तनाव बढ़ गया है। मामले को लेकर विरोधी पक्ष की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आ रही है, जबकि प्रशासन भी पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में कानूनी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है और पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो फतेह खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, यह मामला स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है, और सभी की नजरें अब आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
सीमावर्ती बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र के रामसर पंचायत समिति के गंगाला गांव के आजाद नगर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में लंबे समय से भवन निर्माण नहीं हो पाने के कारण शिक्षा व्यवस्था झोपड़ी में चल रही है. इस मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. यह विद्यालय 2023 के बजट घोषणा में शुरू हुआ था, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से भवन निर्माण में देरी के चलते बच्चे झोपड़ी में पढ़ाई कर रहे हैं. एनडीटीवी राजस्थान द्वारा इस खबर को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद बायतू विधायक हरीश चौधरी ने सक्रियता दिखाई.
