एसएमएस हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टरों के WhatsApp ग्रुप में छिड़ा विवाद, दीपावली के पोस्टर पर भिड़े चिकित्सक; बोले- हिंदू त्योहारों को ही क्यों बनाया जाता है निशाना?
जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में सीनियर डॉक्टरों के बीच दीपावली को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामला अस्पताल के सीनियर चिकित्सकों के एक WhatsApp ग्रुप में दीपावली से संबंधित पोस्टर शेयर करने के बाद शुरू हुआ। पोस्टर को लेकर डॉक्टरों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि ग्रुप में ही एक-दूसरे के विचारों पर सवाल उठाए जाने लगे। इस दौरान कुछ डॉक्टरों ने हिंदू त्योहारों को लेकर आपत्ति जताने और उन्हें निशाना बनाए जाने पर नाराजगी जाहिर की।
जानकारी के अनुसार, एसएमएस अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों के WhatsApp ग्रुप में दीपावली से जुड़ा एक पोस्टर शेयर किया गया था। पोस्टर सामने आने के बाद ग्रुप में मौजूद कुछ डॉक्टरों ने इस पर प्रतिक्रिया दी। इसके बाद पोस्टर को लेकर अलग-अलग विचार सामने आने लगे और बातचीत ने विवाद का रूप ले लिया। डॉक्टरों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि त्योहारों से जुड़े संदेशों और पोस्टरों पर आपत्ति क्यों जताई जाती है।
हिंदू त्योहारों को लेकर उठाए सवाल
विवाद के दौरान कुछ डॉक्टरों ने सवाल उठाया कि आखिर हिंदू त्योहारों को ही बार-बार निशाना क्यों बनाया जाता है? उनका कहना था कि दीपावली जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व को लेकर पोस्टर शेयर करने में गलत क्या है। त्योहारों के अवसर पर शुभकामनाएं देना और उनसे जुड़े संदेश साझा करना सामान्य बात है। ऐसे में किसी विशेष त्योहार से संबंधित पोस्टर पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।
कुछ चिकित्सकों ने इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सभी धर्मों और समुदायों के त्योहारों का सम्मान किया जाना चाहिए। यदि किसी दूसरे धर्म के त्योहार से संबंधित संदेश या पोस्टर साझा किया जाता है तो उस पर भी इसी तरह की प्रतिक्रिया होनी चाहिए। धार्मिक आयोजनों और त्योहारों को लेकर अलग-अलग मापदंड अपनाने से अनावश्यक विवाद पैदा होते हैं।
सीनियर डॉक्टरों के ग्रुप में बढ़ी बहस
एसएमएस अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों का WhatsApp ग्रुप चिकित्सकों के बीच संवाद और सूचनाओं के आदान-प्रदान का माध्यम है। ऐसे ग्रुप में आमतौर पर अस्पताल से जुड़े प्रशासनिक, चिकित्सकीय और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होती है। लेकिन दीपावली के पोस्टर को लेकर शुरू हुई बहस ने इस ग्रुप का माहौल बदल दिया।डॉक्टरों के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ ने पोस्टर साझा करने को सामान्य गतिविधि बताया, जबकि कुछ नेइस पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विचारों का टकराव देखने को मिला।
धार्मिक भावनाओं और अभिव्यक्ति को लेकर चर्चा
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर कार्यस्थल पर धार्मिक त्योहारों से जुड़े संदेश साझा करने और व्यक्तिगत विचारों की अभिव्यक्ति को लेकर चर्चा छेड़ दी है। अस्पताल जैसे संस्थान में अलग-अलग विचारधाराओं और समुदायों के लोग काम करते हैं। ऐसे में सभी की धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखना जरूरी माना जाता है।
फिलहाल इस मामले में विवाद की शुरुआत दीपावली के पोस्टर से हुई, लेकिन सीनियर डॉक्टरों के बीच हुई बहस ने इसे व्यापक मुद्दा बना दिया। हालांकि, इस विवाद को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई या बयान की जानकारी सामने नहीं आई है।
