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श्रीगंगानगर में कचरा प्लांट पर रात 2 बजे बनी सहमति, वीडियो में जाने 4 घंटे बाद खुला NH-62; कमेटी करेगी दोबारा विचार

श्रीगंगानगर में कचरा प्लांट पर रात 2 बजे बनी सहमति, वीडियो में जाने 4 घंटे बाद खुला NH-62; कमेटी करेगी दोबारा विचार
 
श्रीगंगानगर में कचरा प्लांट पर रात 2 बजे बनी सहमति, वीडियो में जाने 4 घंटे बाद खुला NH-62; कमेटी करेगी दोबारा विचार

श्रीगंगानगर जिले के नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर चल रहा विवाद देर रात बातचीत के बाद फिलहाल थम गया। प्लांट के विरोध में ग्रामीणों के आंदोलन के बीच सांसद हनुमान बेनीवाल और प्रशासन के बीच सहमति बनी। इसके बाद करीब चार घंटे से बाधित सूरतगढ़-श्रीगंगानगर नेशनल हाईवे-62 को प्रदर्शनकारियों ने खोल दिया। श्रीगंगानगर के उपखंड अधिकारी नयन गौतम रात करीब 2 बजे प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने बताया कि कचरा प्लांट के मामले में गठित कमेटी दोबारा विचार करेगी और ग्रामीणों की मांगों को जयपुर तक भेजा जाएगा। प्रशासन की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद बेनीवाल और उनके समर्थकों ने हाईवे से धरना समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो गया।

पांच महीने से चल रहा था विरोध

नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में प्रस्तावित कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर ग्रामीण करीब पांच महीने से आंदोलन कर रहे थे। ग्रामीण प्रस्तावित स्थल को लेकर आपत्ति जता रहे हैं। बुधवार को इसी मुद्दे पर नरसिंहपुरा-बिरानी क्षेत्र में महापंचायत आयोजित की गई थी। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और सांसद हनुमान बेनीवाल भी पहुंचे।महापंचायत के बाद बेनीवाल करीब 100 वाहनों के काफिले के साथ श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। पुलिस ने महियावाली टोल नाके के पास काफिले को रोक दिया। इसके बाद समर्थक नेशनल हाईवे-62 पर धरने पर बैठ गए और सड़क पर यातायात बाधित हो गया। कई वाहन जाम में फंस गए।

प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच देर रात बातचीत

हाईवे पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। देर रात बातचीत का दौर चला। इसके बाद एसडीएम नयन गौतम करीब 2 बजे प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और कमेटी द्वारा मामले पर दोबारा विचार करने की जानकारी दी।कुछ रिपोर्टों के मुताबिक प्रशासन ने प्रस्तावित प्लांट के लिए वैकल्पिक जगह तलाशने की प्रक्रिया पर भी बात की है और इसके लिए समय मांगा गया है। इस संबंध में पांच सदस्यीय कमेटी के जरिए विकल्पों पर विचार किए जाने की बात सामने आई है।

पहले भी बदली जा चुकी है प्लांट की जगह

कचरा प्रबंधन प्लांट की लोकेशन को लेकर यह विवाद नया नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पहले प्लांट के लिए नेतेवाला क्षेत्र में प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। वहां भी स्थानीय स्तर पर विरोध के बाद प्रशासन ने इस साल नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में प्लांट शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा था। नई जगह पर भी ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया।फिलहाल प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बनी सहमति के बाद हाईवे से प्रदर्शन हटा लिया गया है। अब कमेटी की रिपोर्ट और जयपुर भेजी जाने वाली ग्रामीणों की मांगों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।