एसआईआर में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, वीडियो मे जानें गहलोत के इलाके में कटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम
राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी और अपनी विचारधारा से जुड़े लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जाने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए फर्जीवाड़े का आरोप लगाया और कोटा, अलवर, दौसा, नागौर सहित कई जिलों में प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपे।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि पर बड़े पैमाने पर फर्जी तरीके से फॉर्म-7 जमा करवाए गए। फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए किया जाता है। कांग्रेस का कहना है कि आखिरी दिन योजनाबद्ध तरीके से हजारों फॉर्म-7 भरकर कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाने की कोशिश की गई।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया सत्ताधारी दल के इशारे पर की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आरएसएस और बीजेपी से जुड़े लोग बाकायदा लिस्ट तैयार कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम कटवा रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि अलग-अलग जिलों में बीजेपी ने फर्जीवाड़े के जरिए कांग्रेस समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटवाए हैं, ताकि आगामी चुनावों में राजनीतिक लाभ लिया जा सके।
जोधपुर में यह मामला और ज्यादा तूल पकड़ता नजर आया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विधानसभा क्षेत्र सरदारपुरा में मुस्लिम बाहुल्य वार्ड संख्या 7 और 8 में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के नाम काटे जाने की जानकारी सामने आई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इन इलाकों में चुनिंदा वर्ग और पार्टी विशेष के लोगों को निशाना बनाया गया है। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से नाम काटना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने वर्षों से मतदान किया है और जिनके पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं, उनके नाम अचानक कैसे हटाए जा सकते हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि एसआईआर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और जिन लोगों के नाम गलत तरीके से काटे गए हैं, उन्हें तुरंत बहाल किया जाए।
कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। पार्टी ने इसे केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा सवाल बताया है।
वहीं, प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि एसआईआर प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही है और दावे-आपत्तियों का निस्तारण नियमानुसार होगा। हालांकि कांग्रेस इन दावों से संतुष्ट नहीं है और उसने इस पूरे मामले को लेकर उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
