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जयपुर नगर निगम री-पोलिंग में कांग्रेस का क्लीन स्वीप, चारों सीटों पर जीत; अब BJP के 78, कांग्रेस के 57 और निर्दलीय 15 पार्षद

 
जयपुर नगर निगम चुनाव की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। चार वार्डों में हुई री-पोलिंग के नतीजे आने के बाद कांग्रेस ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। इसके साथ ही नगर निगम में कांग्रेस पार्षदों की संख्या बढ़कर 57 हो गई है। वहीं भाजपा के पास 78 पार्षद हैं, जबकि 15 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है।  चार वार्डों में दोबारा मतदान के बाद जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों के परिणाम घोषित हो गए हैं। री-पोलिंग वाले वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत के बाद चुनावी समीकरण में बदलाव आया है।  इन चार वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशी जीते  री-पोलिंग के बाद वार्ड नंबर 9, 18, 25 और 34 में कांग्रेस उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।  वार्ड नंबर 9 से कांग्रेस प्रत्याशी कैलाशी देवी विजयी रहीं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी मंजू अग्रवाल को 764 वोटों से हराया। वार्ड नंबर 18 से कांग्रेस की वंदिता शर्मा ने भाजपा के नीरज कुमावत को 181 वोटों से मात दी। वार्ड नंबर 25 से कांग्रेस की रेखा देवी ने भाजपा की चंचल कंवर को 397 वोटों से हराया। वार्ड नंबर 34 से कांग्रेस के सुरेश यादव ने भाजपा के पीयूष किराड़ को 149 वोटों से शिकस्त दी। ईवीएम में तकनीकी खराबी के बाद हुई थी री-पोलिंग  14 सितंबर को हुई मतगणना के दौरान इन चार वार्डों के पांच बूथों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी सामने आई थी। इसके कारण इन बूथों पर पड़े वोटों की गिनती पूरी नहीं हो सकी थी। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने इन बूथों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया था।  री-पोलिंग के बाद हुई मतगणना में कांग्रेस को चारों सीटों पर सफलता मिली, जिससे पार्टी की संख्या 53 से बढ़कर 57 हो गई।  150 वार्डों में अंतिम स्थिति  जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में अब अंतिम आंकड़े इस प्रकार हैं:  भाजपा: 78 पार्षद कांग्रेस: 57 पार्षद निर्दलीय: 15 पार्षद  पहले घोषित परिणामों में भाजपा ने 78 सीटें जीती थीं, कांग्रेस के खाते में 53 सीटें थीं और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 15 वार्डों में जीत दर्ज की थी। री-पोलिंग के बाद कांग्रेस की चार सीटें बढ़ गईं।  अब मेयर चुनाव पर नजर  नगर निगम चुनाव के नतीजे आने के बाद अब सभी की नजर मेयर पद के चुनाव पर है। भाजपा के पास सबसे ज्यादा पार्षद होने के कारण बोर्ड गठन की प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी हैं। वहीं कांग्रेस भी अपने पार्षदों के साथ नगर निगम की आगामी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में है।  जयपुर नगर निगम की नई तस्वीर में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है, जबकि री-पोलिंग में चारों सीटें जीतकर कांग्रेस ने अपनी स्थिति मजबूत की है। अब आगे मेयर और निगम की समितियों के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

जयपुर नगर निगम चुनाव की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। चार वार्डों में हुई री-पोलिंग के नतीजे आने के बाद कांग्रेस ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। इसके साथ ही नगर निगम में कांग्रेस पार्षदों की संख्या बढ़कर 57 हो गई है। वहीं भाजपा के पास 78 पार्षद हैं, जबकि 15 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है।

चार वार्डों में दोबारा मतदान के बाद जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों के परिणाम घोषित हो गए हैं। री-पोलिंग वाले वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत के बाद चुनावी समीकरण में बदलाव आया है।

इन चार वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशी जीते

री-पोलिंग के बाद वार्ड नंबर 9, 18, 25 और 34 में कांग्रेस उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।

  • वार्ड नंबर 9 से कांग्रेस प्रत्याशी कैलाशी देवी विजयी रहीं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी मंजू अग्रवाल को 764 वोटों से हराया।
  • वार्ड नंबर 18 से कांग्रेस की वंदिता शर्मा ने भाजपा के नीरज कुमावत को 181 वोटों से मात दी।
  • वार्ड नंबर 25 से कांग्रेस की रेखा देवी ने भाजपा की चंचल कंवर को 397 वोटों से हराया।
  • वार्ड नंबर 34 से कांग्रेस के सुरेश यादव ने भाजपा के पीयूष किराड़ को 149 वोटों से शिकस्त दी।

ईवीएम में तकनीकी खराबी के बाद हुई थी री-पोलिंग

14 सितंबर को हुई मतगणना के दौरान इन चार वार्डों के पांच बूथों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी सामने आई थी। इसके कारण इन बूथों पर पड़े वोटों की गिनती पूरी नहीं हो सकी थी। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने इन बूथों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया था।

री-पोलिंग के बाद हुई मतगणना में कांग्रेस को चारों सीटों पर सफलता मिली, जिससे पार्टी की संख्या 53 से बढ़कर 57 हो गई।

150 वार्डों में अंतिम स्थिति

जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में अब अंतिम आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • भाजपा: 78 पार्षद
  • कांग्रेस: 57 पार्षद
  • निर्दलीय: 15 पार्षद

पहले घोषित परिणामों में भाजपा ने 78 सीटें जीती थीं, कांग्रेस के खाते में 53 सीटें थीं और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 15 वार्डों में जीत दर्ज की थी। री-पोलिंग के बाद कांग्रेस की चार सीटें बढ़ गईं।

अब मेयर चुनाव पर नजर

नगर निगम चुनाव के नतीजे आने के बाद अब सभी की नजर मेयर पद के चुनाव पर है। भाजपा के पास सबसे ज्यादा पार्षद होने के कारण बोर्ड गठन की प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी हैं। वहीं कांग्रेस भी अपने पार्षदों के साथ नगर निगम की आगामी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में है।

जयपुर नगर निगम की नई तस्वीर में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है, जबकि री-पोलिंग में चारों सीटें जीतकर कांग्रेस ने अपनी स्थिति मजबूत की है। अब आगे मेयर और निगम की समितियों के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।