SMS अस्पताल के 38 कार्मिकों की जनगणना ड्यूटी पर तैनाती को लेकर स्वास्थ्य विभाग में चिंता
राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल के 38 कर्मचारियों को हाल ही में जनगणना ड्यूटी पर तैनात किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मची हुई है। स्वास्थ्य शिक्षा कमिश्नर ने इस तैनाती को लेकर चेतावनी जारी की है और अधिकारियों से कहा है कि कर्मचारियों के जाने से अस्पताल के महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
एसएमएस अस्पताल में विभिन्न विभागों में तैनात इन 38 कर्मचारियों को राष्ट्रीय जनगणना अभियान के तहत स्थानीय स्तर पर ड्यूटी दी गई है। अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों को जनगणना कार्य में सहयोग देने के लिए भेजा था, लेकिन स्वास्थ्य शिक्षा कमिश्नर ने इस कदम पर चिंता व्यक्त की है। उनके अनुसार, इन कर्मचारियों की गैरमौजूदगी से अस्पताल में महत्वपूर्ण चिकित्सा कार्य और रोगियों की सेवा बाधित हो सकती है।
कमिश्नर ने पत्र में लिखा कि अस्पताल के विभिन्न विभागों में ये कर्मचारी नियमित तौर पर महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम देते हैं। इनकी तैनाती से अस्पताल के परिचालन में व्यवधान आने की संभावना है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया है कि इस तैनाती को तुरंत निरस्त किया जाए और कर्मचारियों को उनके मूल कार्यस्थल पर लौटाया जाए।
एसएमएस अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, कर्मचारियों की अनुपस्थिति से ऑपरेशन थिएटर, रोगी देखभाल, लैब टेस्टिंग और इमरजेंसी सेवाओं पर असर पड़ सकता है। अस्पताल में इलाजरत मरीजों और उनके परिजनों ने भी चिंता जताई है कि इस तरह की तैनाती से सेवा में देरी और असुविधा उत्पन्न हो सकती है।
वहीं, जनगणना विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जनगणना कार्य के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की आवश्यकता होती है और उन्होंने अस्पताल से सहयोग की अपील की थी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अस्पताल जैसी बड़ी स्वास्थ्य संस्था से कर्मचारियों को हटाने से मरीजों की देखभाल प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की तैनाती में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। सरकारी सेवाओं में कर्मचारियों का उपयोग विभिन्न विभागों में किया जाता है, लेकिन किसी भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा में कमी आने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जनगणना कार्य के लिए अन्य विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में कोई व्यवधान न आए।
अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल इस मुद्दे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा कमिश्नर के निर्देशों के अनुसार इस मामले की समीक्षा की जाएगी और कर्मचारियों को उनकी मूल ड्यूटी पर लौटाने के उपाय किए जाएंगे।
राजस्थान में जनगणना की प्रक्रिया पूरे राज्य में जारी है, और सरकारी विभागों से सहयोग मांगा जा रहा है। लेकिन एसएमएस अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था में कर्मचारियों की कमी से मरीजों की सुविधा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में अधिकारियों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती सामने है।
अंततः, स्वास्थ्य शिक्षा कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जनगणना के काम के लिए एसएमएस अस्पताल के कर्मचारियों की तैनाती को तत्काल निरस्त करना आवश्यक है, ताकि अस्पताल में चल रहे महत्वपूर्ण चिकित्सा कार्य प्रभावित न हों और मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से मिलती रहें।
