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कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 49 रुपए बढ़े, घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 49 रुपए बढ़े, घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर
 
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 49 रुपए बढ़े, घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर

तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने 1 फरवरी 2026 से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 49 रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई दरें आज से प्रभावी हो गई हैं। इस बढ़ोतरी का असर 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर पड़ेगा, जो आमतौर पर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों में इस्तेमाल किया जाता है।

हालांकि, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह कदम विशेष रूप से व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए एलपीजी की कीमत को समायोजित करने के लिए उठाया गया है।

तेल विपणन कंपनियों के अनुसार, कमर्शियल सिलेंडरों की कीमत में वृद्धि का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विपणन लागत में बढ़ोतरी है। कंपनियों ने कहा कि घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम घरेलू उपयोगकर्ताओं पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बढ़ोतरी का प्रभाव छोटे और मध्यम व्यवसायों पर पड़ेगा, क्योंकि उनकी रोजमर्रा की लागत में वृद्धि होगी। होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यवसायों में इस अतिरिक्त लागत को ग्राहकों पर भी स्थानांतरित किया जा सकता है, जिससे खाने-पीने की कीमतों में भी हल्का असर पड़ सकता है।

वित्तीय विशेषज्ञों ने बताया कि कमर्शियल एलपीजी की कीमत में वृद्धि समय-समय पर होती रहती है, और इसका उद्देश्य कंपनियों को उचित मुनाफा सुनिश्चित करना और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू रखना है। उन्होंने छोटे व्यवसायों को सलाह दी कि वे अपनी ऊर्जा खपत और लागत को नियंत्रित करने के उपाय अपनाएं।

ओएमसी ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि सभी व्यवसायों को उचित आपूर्ति जारी रहेगी, और इस बढ़ोतरी के बावजूद एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता में कोई कमी नहीं होगी।

इस बीच, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने सरकार और तेल कंपनियों से अपील की है कि व्यवसायों के लिए किसी प्रकार की राहत या सब्सिडी प्रदान की जाए, ताकि बढ़ती लागत से छोटे व्यवसायों पर अत्यधिक बोझ न पड़े।

कुल मिलाकर, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 49 रुपए की बढ़ोतरी होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। हालांकि घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए कोई बदलाव नहीं हुआ है, यह कदम व्यवसायिक एलपीजी की लागत को वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप लाने की दिशा में उठाया गया कदम है।