जयपुर में प्रदर्शन के दौरान हंगामा, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके को युवकों ने मारा थप्पड़, वीडियो में देंखे बाद में समर्थकों ने की पिटाई
जयपुर में सोमवार को एक बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके को दो युवकों ने थप्पड़ मार दिया। यह घटना शहीद स्मारक पर उस समय हुई जब अभिजीत दीपके नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे और अभिजीत दीपके के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक दो युवक भीड़ में पहुंचे और अभिजीत दीपके से बहस करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस जल्द ही तीखी नोकझोंक में बदल गई और दोनों युवकों ने अभिजीत दीपके को थप्पड़ मार दिया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रदर्शन में मौजूद समर्थक आक्रोशित हो गए और उन्होंने तुरंत दोनों युवकों को पकड़ लिया। इसके बाद समर्थकों ने दोनों युवकों के साथ मारपीट की, जिससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ती देख अन्य प्रदर्शनकारियों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव किया और हालात को काबू में लाने की कोशिश की। थप्पड़कांड के बाद अभिजीत दीपके ने दोबारा मंच संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश को बांटने वाली राजनीति अब और नहीं चलेगी। अपने संबोधन में उन्होंने जोर देकर कहा, “हिंदू-मुस्लिम की राजनीति नहीं चलेगी, नहीं चलेगी।” उनके इस बयान पर भीड़ ने जोरदार नारेबाजी की और समर्थन जताया।
अभिजीत दीपके ने आगे कहा कि देश की आज़ादी बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली है और इसे किसी भी तरह की विभाजनकारी राजनीति से कमजोर नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज को बार-बार धर्म और जाति के नाम पर बांटने की कोशिश की जाती है, जिससे असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार जैसे मूलभूत मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाएं।प्रदर्शन में शामिल लोगों ने भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, नीट पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और बेरोजगारी पर ठोस कार्रवाई की मांग की। कई प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने छात्रों के भविष्य पर गंभीर असर डाला है और सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। दोनों युवकों को भीड़ से अलग किया गया और मामले की जांच शुरू करने की बात कही गई है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।इस घटना के बाद जयपुर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है और प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
