विधानसभा सत्र से पहले सीएम भजनलाल शर्मा की बड़ी कवायद, फुटेज में जानें विधायकों और सांसदों की नाराजगी दूर करने कोशिश
राजस्थान की राजनीति में आने वाले दिनों में हलचल तेज़ रहने वाली है। विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पार्टी के सभी विधायकों, सांसदों और पूर्व प्रत्याशियों से संवाद का सिलसिला शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम सोमवार और मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास (सीएमआर) में आयोजित होगा।
लोकसभा वार संवाद का कार्यक्रम
सूत्रों के मुताबिक, सीएम भजनलाल शर्मा ने सभी सांसदों और विधायकों को लोकसभा वार समूहों में बुलाया है। यानी अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों के नेताओं से अलग-अलग सत्रों में बातचीत की जाएगी। इस संवाद का उद्देश्य न केवल आगामी विधानसभा सत्र की रणनीति तय करना है, बल्कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना भी है।
नाराजगी को साधने की कोशिश?
राजनीतिक हलकों में सीएम की इस कवायद को पार्टी विधायकों और नेताओं की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि हाल ही में कई विधायक खुले मंचों पर अपनी उपेक्षा और असंतोष जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री सीधे संवाद के ज़रिए उन्हें विश्वास में लेने और असंतोष दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।
दो दिनों तक चलेगा संवाद
यह संवाद कार्यक्रम सोमवार और मंगलवार को पूरे दिन चलेगा। सीएम भजनलाल शर्मा नेताओं से उनकी समस्याओं, सुझावों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही विधानसभा सत्र में विपक्ष के संभावित तेवरों और मुद्दों पर भी रणनीति बनाई जाएगी। खासतौर से महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और किसान हित जैसे मुद्दों पर सरकार किस तरह जवाब देगी, उस पर भी चर्चा की संभावना है।
संगठन और सरकार में तालमेल पर फोकस
बीजेपी सूत्रों का मानना है कि सीएम का यह कदम संगठन और सरकार के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में उठाया गया है। अक्सर यह आरोप लगता रहा है कि संगठन की बातों को सरकार तक पूरी तरह नहीं पहुंचाया जा रहा। ऐसे में सीएम का सीधा संवाद नेताओं के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ सरकार की नीतियों के प्रति विश्वास कायम करने में मददगार साबित हो सकता है।
विपक्ष पर नजर
विधानसभा सत्र से पहले विपक्ष भी पूरी तरह हमलावर है। कांग्रेस लगातार बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा चाहेंगे कि सदन में पार्टी के सभी विधायक और सांसद एकजुट होकर विपक्ष के हमलों का जवाब दें।
