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यमुना जल समझौते के बाद जल्द जयपुर लौटेंगे CM भजनलाल शर्मा, कांग्रेस पर साधा निशाना, वीडियो में बोले- ‘परियोजनाएं रोकना ही उनकी पहचान’

यमुना जल समझौते के बाद जल्द जयपुर लौटेंगे CM भजनलाल शर्मा, कांग्रेस पर साधा निशाना, वीडियो में बोले- ‘परियोजनाएं रोकना ही उनकी पहचान’
 
यमुना जल समझौते के बाद जल्द जयपुर लौटेंगे CM भजनलाल शर्मा, कांग्रेस पर साधा निशाना, वीडियो में बोले- ‘परियोजनाएं रोकना ही उनकी पहचान’

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा यमुना जल समझौते के बाद मंगलवार को जयपुर लौट रहे हैं। राजधानी में उनके स्वागत को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने विशेष तैयारियां की हैं। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।जयपुर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा विकास कार्यों और जनहित की परियोजनाओं को रोकने की रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस ने जनता के हितों की बजाय केवल वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता दी।

मुख्यमंत्री ने कहा, "कांग्रेस ने हमेशा परियोजनाओं को रोकने और उन्हें अटकाने का काम किया है। उन्होंने केवल वोटों की खातिर जनता को लुभाने की राजनीति की है।" उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि वह अपने शासनकाल की कोई ऐसी बड़ी परियोजना बताए, जिसकी शुरुआत उसने की हो।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यमुना जल समझौते को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों का भी जवाब दिया। कांग्रेस ने दावा किया था कि इस समझौते में राजस्थान को अपेक्षा से कम पानी मिला है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता पूरी तरह 1994 में हुए जल बंटवारे के समझौते के अनुरूप है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 1994 में तय किए गए प्रावधानों के अनुसार ही राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली को उनके निर्धारित हिस्से का पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान के हितों की रक्षा करते हुए यह समझौता किया है और इसमें किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने दिया गया है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उनका कहना है कि यमुना जल समझौता भविष्य में प्रदेश के कई क्षेत्रों के लिए लाभकारी साबित होगा।

यमुना जल समझौते को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्माई हुई है। जहां भाजपा इसे राजस्थान के हित में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस लगातार इस समझौते पर सवाल उठा रही है।अब मुख्यमंत्री के जयपुर पहुंचने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। सरकार और विपक्ष के बीच यमुना जल समझौते को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर फिलहाल जारी रहने के आसार हैं।