बालोतरा में चिंकारों का शिकार: फॉक्स लाइट और लाठियों से दो हिरणों की हत्या, वीडियो में जाने तीन आरोपी हिरासत में; वन्यजीव प्रेमियों का धरना जारी
राजस्थान के बालोतरा जिले में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के भलीसर तेजे की ढाणी गांव में गुरुवार रात कथित रूप से शिकारियों ने दो चिंकारों (हिरणों) की हत्या कर दी। आरोप है कि शिकारियों ने फॉक्स लाइट और लाठियों का इस्तेमाल कर इस वारदात को अंजाम दिया।घटना की जानकारी मिलने के बाद वन्यजीव प्रेमियों ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों का पीछा किया, लेकिन आरोपी भागने में सफल रहे। हालांकि, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बाद तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
वन्यजीव प्रेमियों ने किया आरोपियों का पीछा
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 12 बजे भलीसर तेजे की ढाणी गांव में कुछ लोगों को हिरणों के शिकार की भनक लगी। इसके बाद वन्यजीव प्रेमी मौके पर पहुंचे। उन्हें देखते ही आरोपी वहां से भागने लगे।वन्यजीव प्रेमियों ने करीब 2 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा किया। बताया जा रहा है कि आरोपी अपने घर के पास चारपाई के नजदीक मृत चिंकारों और अन्य सामान को छोड़कर फरार हो गए।इसके बाद मामले की सूचना पुलिस और वन विभाग को दी गई।
रातभर चला सर्च ऑपरेशन, तीन आरोपी हिरासत में
सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। दोनों विभागों ने रातभर इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच और पूछताछ के बाद तीन आरोपियों को डिटेन किया गया है।पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस शिकार के पीछे कितने लोग शामिल थे। साथ ही, वन्यजीव शिकार से जुड़े किसी बड़े गिरोह की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आरोपियों के घर के बाहर वन्यजीव प्रेमियों का धरना
घटना के विरोध में वन्यजीव प्रेमी आरोपियों के घर के बाहर रात से धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि मामले में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाए और पूरे गिरोह का खुलासा किया जाए।वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि चिंकारा राजस्थान की पहचान और जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
भलीसर में घट रही हिरणों की संख्या
वन्यजीव प्रेमी सतीश विश्नोई ने बताया कि भलीसर गांव में पहले हजारों की संख्या में हिरण पाए जाते थे, लेकिन अब इनकी संख्या आधे से भी कम रह गई है।उन्होंने चिंता जताई कि अवैध शिकार और वन्यजीवों की सुरक्षा में कमी के कारण क्षेत्र में चिंकारों की संख्या लगातार घट रही है। उन्होंने प्रशासन से वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।फिलहाल पुलिस और वन विभाग की कार्रवाई जारी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस घटना में कितने लोग शामिल थे और शिकारियों का नेटवर्क कितना बड़ा है।
