जिला अस्पताल से बच्चा चोरी का खुलासा, दो बहनें गिरफ्तार — 'मां बनने की अधूरी ख्वाहिश' बनी अपराध की वजह
राजस्थान के नाथद्वारा के राजकीय गोवर्धन जिला चिकित्सालय में हुई नवजात शिशु चोरी की वारदात का पुलिस ने तेजी से खुलासा करते हुए इस सनसनीखेज मामले में दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने मंगलवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बच्चा सकुशल बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया गया है, और आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कैसे हुआ बच्चा चोरी?
घटना सोमवार को उस वक्त हुई जब एक महिला ने अस्पताल में अपने नवजात को जन्म दिया था। थोड़ी देर बाद जब परिजन कुछ ज़रूरी काम से बाहर गए, तभी मौका पाकर एक महिला ने नवजात को चुपचाप अस्पताल से बाहर निकाल लिया। परिजनों की सूचना पर अस्पताल में हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस को सूचित किया गया।
पुलिस ने ऐसे सुलझाया मामला
सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों की मदद से पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और कुछ ही घंटों में दो बहनों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी महिला मां बनने की ख्वाहिश पूरी नहीं होने से मानसिक रूप से टूट चुकी थी, और इसी भावनात्मक कमजोरी में उसने अपनी बहन के साथ मिलकर इस अपराध की योजना बनाई।
बहनों की भूमिका
पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के अनुसार,
“एक महिला लंबे समय से मां बनना चाहती थी लेकिन संतान नहीं हो पाने की पीड़ा से वह मानसिक रूप से बेहद आहत थी। वहीं दूसरी बहन, जो खुद भी संतान सुख नहीं पा सकी थी, ने उसे इस अपराध में मदद की। दोनों ने मिलकर अस्पताल से नवजात को चुराने की साजिश रची।”
बच्चा मिला सकुशल
सौभाग्यवश, पुलिस की तत्परता से नवजात को समय रहते बरामद कर लिया गया और कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा। उसे पूरी तरह सुरक्षित हालत में मां को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिजन ने राहत की सांस ली।
अस्पताल प्रबंधन पर सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बच्चा चोरी जैसी घटना का इस तरह से हो जाना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए हैं कि नवजात वार्ड की निगरानी और आगंतुकों की जांच व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
