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नागौर में कुत्तों के हमले से बच्चा और युवक घायल, वीडियो में देंखे स्थानीय लोग आए मदद के लिए

नागौर में कुत्तों के हमले से बच्चा और युवक घायल, वीडियो में देंखे स्थानीय लोग आए मदद के लिए
 
नागौर में कुत्तों के हमले से बच्चा और युवक घायल, वीडियो में देंखे स्थानीय लोग आए मदद के लिए

नागौर में गिनानी गर्ल्स स्कूल के पास एक छोटी गली में दो अलग-अलग घटनाओं में कुत्तों ने हमला किया, जिसमें पहले एक बच्चा और अगले दिन एक युवक हमले का शिकार हुए।पहली घटना  में, गली से घर जा रहा एक बच्चा अचानक पीछे से आए कुत्तों के हमले का शिकार हो गया। कुत्तों ने बच्चे का पैर पकड़ लिया, जिससे बच्चा डर के मारे जोर-जोर से चिल्लाने लगा। इसी दौरान वहां से गुजर रहे बाइक सवार ने हस्तक्षेप किया। बाइक सवार के आने से कुत्ते बच्चे को छोड़कर भाग गए और उसकी जान बच गई।

दूसरी घटना अगले दिन हुई, जब तीन कुत्तों ने युवक को घेरकर हमला कर दिया। युवक बचाव का प्रयास करते समय जमीन पर गिर गया, जिसके बाद कुत्ते ऊपर टूट पड़े। पास में रहने वाले लोगों ने तुरंत कुत्तों को भगाकर युवक की जान बचाई। इस घटना में युवक को हल्की चोटें आई हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गली अक्सर कुत्तों के कारण खतरनाक बन जाती है। कभी-कभी कुत्तों की फौरी संख्या में बढ़ोतरी और उनका अgressiveness लोगों के लिए खतरा पैदा कर देता है। गिनानी गर्ल्स स्कूल के पास यह गली मुख्य मार्ग है, जिससे बच्चे और युवक दोनों अक्सर गुजरते हैं।

पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि ऐसे मामलों में सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने निवासियों से अपील की है कि वह बच्चों को अकेले गली में न भेजें और ऐसे कुत्तों की शिकायत तुरंत नगर निगम या पशु नियंत्रण विभाग को दें।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हमले अक्सर भटकते हुए कुत्तों या अप्रशिक्षित आवारा कुत्तों के कारण होते हैं। बच्चों और युवाओं के लिए यह आवश्यक है कि वे सावधानीपूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से इनसे बचाव करें। स्थानीय प्रशासन को भी आवारा कुत्तों की निगरानी और नियंत्रण बढ़ाने की जरूरत है।

नागौर शहर में यह घटनाएँ एक बार फिर से आवारा कुत्तों के प्रति चिंता बढ़ा रही हैं। शहरवासियों ने कहा कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह भविष्य में और गंभीर हादसों का कारण बन सकता है।

निष्कर्षतः, नागौर में गिनानी गर्ल्स स्कूल के पास हुई ये घटनाएँ बच्चों और युवाओं के लिए खतरे का संकेत हैं। स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को मिलकर ऐसे आवारा कुत्तों की निगरानी और नियंत्रण सुनिश्चित करना होगा, ताकि भविष्य में इस तरह के हमलों से बचा जा सके।