जोधपुर की हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में केमिकल ड्रम ब्लास्ट, 14 फायरकर्मी झुलसे; 3 वेंटिलेटर पर, दो करीब 90% जले
जोधपुर के बासनी औद्योगिक क्षेत्र में SR हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में लगी भीषण आग के दौरान केमिकल से भरे ड्रम में ब्लास्ट होने से 14 फायर ब्रिगेड कर्मचारी झुलस गए। सभी घायलों को इलाज के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें चार कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि तीन को वेंटिलेटर पर रखा गया है। दो फायरकर्मी करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गए हैं।
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 5:30 बजे बासनी स्थित SR हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री और केमिकल मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैल गई।
आग बुझाने के दौरान हुआ केमिकल ड्रम में ब्लास्ट
फायरकर्मी आग पर काबू पाने में जुटे हुए थे। इसी दौरान फैक्ट्री की छत से एक पत्थर नीचे फिनोल केमिकल से भरे ड्रम पर आकर गिर गया। इसके बाद ड्रम में तेज धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट की चपेट में वहां मौजूद फायर ब्रिगेड के कई कर्मचारी आ गए और झुलस गए।घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य फायर फाइटर्स ने अपने घायल साथियों को तत्काल बाहर निकाला। घायलों को पिकअप वाहन और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में जुटी है।
तीन कर्मचारी वेंटिलेटर पर
हादसे में घायल 14 फायरकर्मियों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनमें तीन कर्मचारियों को गंभीर हालत के चलते वेंटिलेटर पर रखा गया है। दो कर्मचारी करीब 90 प्रतिशत तक झुलसे हैं। गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
आग बुझाने के लिए एयरफोर्स की टीम भी बुलाई
फैक्ट्री में लगी आग इतनी भीषण थी कि स्थानीय फायर ब्रिगेड की टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आग पर नियंत्रण नहीं होने के बाद रात करीब 11 बजे एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड टीम को भी मौके पर बुलाया गया। इसके बाद संयुक्त रूप से आग बुझाने का अभियान चलाया गया।गुरुवार सुबह करीब 5 बजे आग पर काबू पाया गया। हालांकि, आग पूरी तरह शांत होने के कुछ घंटे बाद सुबह करीब 7 बजे फैक्ट्री में दोबारा आग धधक उठी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और दोबारा आग पर काबू पाया।
सुबह 11 बजे तक निकलता रहा धुआं
आग बुझने के बाद भी फैक्ट्री परिसर से काफी देर तक धुआं निकलता रहा। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे तक फैक्ट्री से धुआं निकलने की सूचना थी। फायरकर्मी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए थे, ताकि किसी हिस्से में दोबारा आग न भड़के।फैक्ट्री में आग लगने के कारणों और केमिकल ड्रम में हुए ब्लास्ट की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता हादसे में गंभीर रूप से घायल फायरकर्मियों की हालत को लेकर है, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
