बाड़मेर जिला अस्पताल में बदली तस्वीर, क्रिटिकल केयर टीम ने एक साथ 3 गंभीर मरीजों की बचाई जान
बाड़मेर जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज को लेकर अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। जहां पहले अति गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जोधपुर रेफर कर दिया जाता था, वहीं अब जिला अस्पताल की क्रिटिकल केयर और मेडिसिन टीम गंभीर मामलों का इलाज यहीं करने में सक्षम हो रही है। अस्पताल की टीम ने एक ही समय में एनेस्थेसिया आईसीयू में भर्ती तीन अति गंभीर मरीजों की जान बचाने में सफलता हासिल की।
इन तीनों मरीजों की हालत बेहद नाजुक बताई गई थी। चिकित्सकों के सामने मरीजों को स्थिर करने और लगातार निगरानी में रखने की चुनौती थी। क्रिटिकल केयर और मेडिसिन टीम ने आपसी समन्वय के साथ मरीजों का उपचार शुरू किया। लगातार मॉनिटरिंग और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप से तीनों मरीजों की हालत में सुधार आया।
पहले बाड़मेर जिला अस्पताल में गंभीर स्थिति वाले मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए जोधपुर रेफर किया जाता था। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए दूसरे शहर जाना पड़ता था। कई मामलों में गंभीर मरीजों को रेफर करने के दौरान भी जोखिम बना रहता था। अब अस्पताल में क्रिटिकल केयर सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम की उपलब्धता से गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिलने लगा है।
एक साथ तीन अति गंभीर मरीजों का सफल उपचार जिला अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की स्थिति के अनुसार उपचार किया और उन्हें लगातार आईसीयू में निगरानी में रखा।
अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा टीम की इस उपलब्धि से स्थानीय स्तर पर गंभीर मरीजों के उपचार को लेकर भरोसा बढ़ा है। इससे यह भी उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बार-बार बड़े शहरों की ओर रेफर करने की जरूरत कम होगी।
