दुर्लभ योग में आज से शुरू चैत्र नवरात्रि, पालकी पर आगमन और हाथी पर माता की विदाई
आस्था और श्रद्धा का पर्व चैत्र नवरात्रि आज से दुर्लभ योग में प्रारंभ हो रहा है। इस बार नवरात्रि का विशेष महत्व बताया जा रहा है, क्योंकि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह पर्व शुभ संयोग में मनाया जा रहा है, जो भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष माता दुर्गा का आगमन पालकी पर हो रहा है, जो सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। वहीं, नवरात्रि के समापन पर माता की विदाई हाथी पर होगी, जिसे वर्षा और समृद्धि का संकेत माना जाता है। यह संयोग भक्तों के लिए विशेष उत्साह और श्रद्धा का विषय बना हुआ है।
मंदिरों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना और घट स्थापना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। भक्तजन व्रत रखकर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करेंगे। शहर के प्रमुख मंदिरों में सजावट और विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार का नवरात्रि काल कई दृष्टियों से शुभ माना जा रहा है। इस दौरान किए गए जप, तप और पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है। साथ ही, नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी यह समय अनुकूल बताया गया है।
प्रशासन ने भी नवरात्रि के दौरान मंदिरों और प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा एवं व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि पूजा-अर्चना सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
कुल मिलाकर, दुर्लभ योग में शुरू हो रहा यह चैत्र नवरात्रि पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा, जिसमें माता रानी की कृपा पाने के लिए भक्त पूरे नौ दिनों तक आराधना में लीन रहेंगे।
