त्रिपुरा सुंदरी मंदिर की धर्मशाला में CBI की दबिश, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे 10 साल से फरार 25 करोड़ की बैंक ठगी का आरोपी गिरफ्तार
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की टीम ने गुरुवार सुबह राजस्थान के प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मंदिर की धर्मशाला में बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले 10 साल से फरार आरोपी संजीव दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से 20 से 25 करोड़ रुपये का लोन लेकर फरार हो गया था।
CBI सूत्रों के अनुसार, संजीव दीक्षित पिछले तीन दिनों से त्रिपुरा सुंदरी मंदिर परिसर स्थित धर्मशाला में नाम बदलकर रह रहा था। वह पूरी तरह धार्मिक वेश में खुद को छिपाए हुए था ताकि किसी को उस पर शक न हो। खास बात यह रही कि जिस कमरे में आरोपी सो रहा था, ठीक उससे सटे कमरे में CBI की टीम पूरी रात रुकी रही, लेकिन आरोपी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
CBI अधिकारियों ने बेहद गोपनीय तरीके से पूरी योजना को अंजाम दिया। गुरुवार तड़के करीब 5 बजे टीम ने बांसवाड़ा पुलिस को फोन कर जाब्ता बुलाया। इसके बाद संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा गया। गिरफ्तारी के समय आरोपी पूरी तरह चौंक गया और भागने का कोई मौका नहीं मिल पाया।
जानकारी के मुताबिक, संजीव दीक्षित ने करीब एक दशक पहले फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न बैंकों से भारी-भरकम लोन लिया था। लोन की राशि चुकाने के बजाय वह फरार हो गया और लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलता रहा। CBI की टीम लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी हुई थी और हाल ही में मिली गुप्त सूचना के आधार पर बांसवाड़ा में उसकी मौजूदगी का पता चला।
CBI अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने ठगी की रकम को अलग-अलग माध्यमों से निवेश किया और कई बार नाम बदलकर अलग-अलग राज्यों में रहा। धार्मिक स्थलों की धर्मशालाओं में ठहरना उसकी रणनीति का हिस्सा था, ताकि वह कानून की नजरों से बच सके।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए CBI के कब्जे में लिया गया है। उससे यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि ठगी की रकम कहां-कहां निवेश की गई और इस पूरे मामले में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे। CBI को आशंका है कि इस बैंक घोटाले में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, त्रिपुरा सुंदरी मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर फरार आरोपी का छिपना चौंकाने वाला है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। मंदिर प्रशासन को भी बाद में इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई।
CBI ने साफ किया है कि आर्थिक अपराधों में फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर ऐसे आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी को जल्द ही संबंधित कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई को CBI की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि 10 साल से फरार आरोपी को बिना किसी हंगामे के पकड़ लिया गया और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
