एसआई भर्ती रद्द होने से घायल अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता, दोबारा फिजिकल टेस्ट बना बड़ी चुनौती
राजस्थान में उप निरीक्षक (एसआई) भर्ती-2021 को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने के फैसले ने कई चयनित अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर उन करीब 70 अभ्यर्थियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है, जो ट्रेनिंग या ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। इन अभ्यर्थियों के लिए अब दोबारा शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करना बेहद मुश्किल माना जा रहा है।
Rajasthan में एसआई भर्ती-2021 को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर नई परीक्षा कराने का निर्णय लिया। हालांकि, इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ गई है, जिन्होंने चयन के बाद ट्रेनिंग शुरू कर दी थी या ड्यूटी के दौरान हादसों का शिकार हो गए।
जानकारी के अनुसार, कई चयनित अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग के दौरान गंभीर चोटें लगी थीं। कुछ अभ्यर्थियों के पैर और रीढ़ की हड्डी तक प्रभावित हुई है, जबकि कुछ को स्थायी शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में दोबारा होने वाली भर्ती प्रक्रिया में फिजिकल टेस्ट पास करना उनके लिए लगभग असंभव जैसा बन गया है।
प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने पूरी मेहनत और योग्यता के दम पर परीक्षा पास की थी। चयन के बाद सरकारी प्रक्रिया के तहत ट्रेनिंग और ड्यूटी भी शुरू की गई। लेकिन अब भर्ती रद्द होने से उनका भविष्य अधर में लटक गया है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि घायल और ट्रेनिंग के दौरान प्रभावित हुए उम्मीदवारों के लिए अलग से राहत नीति बनाई जाए। उनका कहना है कि जिन लोगों ने विभागीय ट्रेनिंग के दौरान चोटें झेली हैं, उन्हें दोबारा फिजिकल टेस्ट से छूट या विशेष अवसर मिलना चाहिए।
कई अभ्यर्थियों के परिवार भी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारी सेवा का सपना पूरा होने के बाद अचानक भर्ती रद्द होने से युवाओं का मनोबल टूट गया है। अब शारीरिक रूप से अक्षम हो चुके उम्मीदवारों को भविष्य की चिंता सताने लगी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल भर्ती प्रक्रिया का नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ा हुआ है। यदि कोई अभ्यर्थी सरकारी ट्रेनिंग या ड्यूटी के दौरान घायल हुआ है, तो उसके हितों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी मानी जानी चाहिए।
